हाथरस पुलिस ने ‘ऑपरेशन दहन’ के तहत बड़ी कार्रवाई करते हुए 7 करोड़ 71 लाख 75 हजार 885 रुपये (लगभग 7.71 करोड़ रुपये) मूल्य के मादक पदार्थों को नष्ट किया। यह विनष्टीकरण जनपद के विभिन्न थानों में दर्ज कुल 279 अभियोगों से संबंधित था। प्रदेश में जब्त/बरामद अवैध मादक पदार्थों के विधिसम्मत विनष्टीकरण और निस्तारण के लिए 1 मार्च से विशेष अभियान ‘ऑपरेशन दहन’ चलाया जा रहा है। इसी अभियान के तहत हाथरस पुलिस ने नशीले पदार्थों के विरुद्ध यह निर्णायक कार्रवाई की। इस कार्रवाई के लिए राजपत्रित अधिकारियों (Gazetted Officers) और सभी थाना प्रभारियों की एक संयुक्त विशेष टीम का गठन किया गया था। टीम ने लंबे समय से थानों के मालखानों में मुकदमे की कार्यवाही के कारण जमा नशीले मादक पदार्थों को नष्ट कराया। मादक पदार्थों का विनष्टीकरण जेआर वेस्ट मैनेजमेंट प्राइवेट लिमिटेड, एतमादपुर, आगरा स्थित इंसीनेरेटर (भट्ठी) के माध्यम से पूरी पारदर्शिता के साथ संपन्न किया गया। पुलिस अधीक्षक चिरंजीव नाथ सिन्हा ने इस मामले में बताया कि विनष्ट किए गए कुल मादक पदार्थों का वजन लगभग 249.604 किलोग्राम था, जिसकी अंतर्राष्ट्रीय बाजार में अनुमानित कीमत सात करोड़ 71 लाख 75 हजार 885 रुपये आंकी गई है। नष्ट किए गए मादक पदार्थों में 60.130 किलोग्राम नशीला पाउडर (कीमत 3,90,845 रुपये), 0.875 किलोग्राम स्मैक (कीमत 1,75,00,000 रुपये), 183.39 किलोग्राम गांजा (कीमत 2,20,06,800 रुपये), 2.007 किलोग्राम चरस (कीमत 20,07,000 रुपये), 0.500 किलोग्राम डोडा (कीमत 25,000 रुपये), 0.650 किलोग्राम हेरोइन (कीमत 3,50,00,000 रुपये) और 2.052 किलोग्राम अफीम (कीमत 2,46,240 रुपये) शामिल थे। नशा तस्करों को बख्शा नहीं जाएगा… पुलिस ने ‘ऑपरेशन दहन’ के तहत जनता को संदेश दिया कि इस अभियान का उद्देश्य अवैध मादक पदार्थों के नेटवर्क को तोड़ना, उन्हें जब्त करना और सार्वजनिक रूप से नष्ट करना है। पुलिस अधीक्षक ने स्पष्ट किया कि नशा तस्करों को बख्शा नहीं जाएगा और युवाओं के भविष्य को बर्बाद होने से बचाने के लिए ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति अपनाई जा रही है।

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