हरियाणा के रेवाड़ी की हाईटेक जेल से शुक्रवार को दो बंदी फरार हो गए। जेल ब्रेक करना वैसे तो आसान नहीं था, लेकिन 21 से 22 साल के दो बंदियों फैजान और जाहिद की कई दिनों की प्लानिंग और तरकीब ने चाकचौबंद सिक्योरिटी के दावों की धज्जियां उड़ा दी। यूपी के रहने वाले इन दोनों बंदियों में दो बातें सामान है। एक तो दोनों ऑनलाइन फ्रॉड करने के माहिर हैं और दूसरा एक ही राज्य के रहने वाले है। इसी वजह से दोनों दोस्त बने। पुलिस सूत्रों की माने तो दोनों कई दिन से इसकी प्लानिंग कर रहे थे। जेल की हर दीवार और बाउंड्री की ऊंचाई और सुरक्षा व्यवस्था का जायजा ले रहे थे। दोनों को पता था कि जेल में कंस्ट्रक्शन चल रहा है, यहीं उनके भागने में मदद करेगा। बस दोनों मौका और माध्यम तलाश रहे थे। इसी दौरान जेल में कंस्ट्रक्शन के लिए सीढ़ियां लाई गई, जिन्हें देखकर दोनों ने पूरा प्लान बनाया। सिक्योरिटी पर कई दिन से नजर रख ही थे, ऐसे में दोनों ने दो छोटी सीढ़ियों को जोड़कर 20 फीट की दीवार लांघ दी। दीवार फांदने के बाद दोनों निकट से गुजर रहे हाईवे पर पहुंचे और वहां से वाहन पकड़ कर सीधे यूपी पहुंच गए। मगर, एक गलती से दोनों को दबोच लिया गया। आइए जानते हैं आखिर कैसे दोनों ने भागने का प्लान बनाया, भागकर वो कहां गए, फिर पुलिस के हत्थे कैसे चढ़े… पहले उस हाईटेक जेल के बारे में जानिए, जिसे दोनों ने ब्रेक किया डिजिटल सर्विलांस सिस्टमः रेवाड़ी हाईटेक जेल में सुरक्षा-टेक्नोलॉजी आधुनिक स्तर की हैं। यहां पूरी सुरक्षा व्यवस्था डिजिटल सर्विलांस सिस्टम पर आधारित है, जिसमें हर गतिविधि पर नजर रखने के लिए CCTV कैमरे और एक सेंट्रलाइज्ड कंट्रोल रूम मौजूद है। यहां वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए कैदियों की कोर्ट पेशी ऑनलाइन कराई जाती है, जिससे सुरक्षा जोखिम कम होता है। ्र हाई-सिक्योरिटी वार्ड बनाए गएः जेल में 11 बैरक और 2 हाई-सिक्योरिटी वार्ड बनाए गए हैं, जो कैदियों की जरूरत और सुरक्षा के अनुसार डिजाइन किए गए हैं। इसके अलावा सुविधाओं की बात करें तो 30 बेड का अस्पताल, कैंटीन, गोदाम और प्रशासनिक ब्लॉक जैसी व्यवस्थाएं भी यहां मिलेंगी। जेल में इंडस्ट्रियल वर्क एरिया बनाया गयाः सुधार और पुनर्वास के उद्देश्य से यहां कैदियों के लिए स्किल डेवलपमेंट प्रोग्राम, शिक्षा और लाइब्रेरी की सुविधा दी गई है, साथ ही मनोवैज्ञानिक काउंसलिंग की व्यवस्था भी है। जेल के अंदर इंडस्ट्रियल वर्क एरिया बनाया गया है, जिससे कैदी काम सीखकर आत्मनिर्भर बन सकेंगे। पुरानी जेल ओवरक्राउडेड थीः स्टाफ और अन्य सुविधाओं के तहत 74 स्टाफ क्वार्टर, वार्डर हॉस्टल, शॉपिंग कॉम्प्लेक्स, पार्क और कम्युनिटी सेंटर बनाए गए हैं। खास बात यह है कि पहले रेवाड़ी की पुरानी जेल छोटी और ओवरक्राउडेड थी, लेकिन नई हाईटेक जेल बनने से कैदियों की भीड़ कम है और सुरक्षा टाइट है। कैसे जेल ब्रेक की और कैसे पुलिस के हत्थे चढ़े…. पुलिस और जेल प्रशासन ने मामले में अब तक क्या किया… ————- यह भी पढ़ें- हरियाणा की हाईटेक जेल से 2 बंदी फरार,7 वार्डर सस्पेंड:देर शाम DG का एक्शन, रेवाड़ी में सीढ़ी लगाकर फांदी थी दीवार; दोनों अरेस्ट हरियाणा के रेवाड़ी की हाईटेक जेल से दो बंदी फरार होने पर डीजी जेल आलोक मित्तल ने कड़ा एक्शन लेते हुए सात जेल कर्मचारियों को सस्पेंड कर दिया। इनमें पांच हेड वार्डर और दो वार्डर शामिल हैं। पढ़ें पूरी खबर…

Leave a Reply