कासगंज में निजी स्कूलों की मनमानी के खिलाफ आवाज उठी है। यूथ यूनाइटेड फॉर वैल्यूएबल एक्शन (युवा) के संयोजक हरवीर भारतीय ने जिला विद्यालय निरीक्षक के नाम एक ज्ञापन अपर जिलाधिकारी दिग्विजय सिंह को सौंपा। इसमें निजी विद्यालयों की अनियमितताओं पर कड़ी कार्रवाई की मांग की गई है। ज्ञापन में हरवीर भारतीय ने आरोप लगाया है कि जिले के कई निजी स्कूल अभिभावकों को निजी प्रकाशनों की महंगी किताबें खरीदने के लिए मजबूर कर रहे हैं। इसके अतिरिक्त, री-एडमिशन, डोनेशन और अन्य मदों के नाम पर अवैध शुल्क वसूला जा रहा है, जिससे अभिभावकों पर आर्थिक बोझ बढ़ रहा है। हरवीर भारतीय ने बताया कि उनका संगठन इन मुद्दों को लेकर पहले भी आंदोलन कर चुका है। इसके परिणामस्वरूप, 24 मार्च को जिला विद्यालय निरीक्षक (DIOS) द्वारा इन अनियमितताओं पर रोक लगाने के आदेश जारी किए गए थे। हालांकि, जमीनी स्तर पर स्थिति में कोई खास सुधार नहीं देखा गया है। आंदोलन किया जाएगा तेज ज्ञापन में यह भी सवाल उठाया गया है कि आदेश जारी होने के बाद से अब तक कितने विद्यालयों के खिलाफ कार्रवाई की गई है। संगठन ने अभिभावकों को राहत देने के लिए ठोस और प्रभावी कदम उठाने की मांग की है। शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता लाने के लिए सुझाव दिया गया है कि विभाग द्वारा जारी सभी आदेश और परिपत्र आधिकारिक वेबसाइट पर सार्वजनिक किए जाएं। साथ ही, प्रत्येक विद्यालय के मुख्य द्वार पर शुल्क संरचना और नियमों को प्रदर्शित करना अनिवार्य किया जाए। ज्ञापन में विशेष रूप से एनसीईआरटी (NCERT) की पुस्तकों को अनिवार्य करने की मांग की गई है, ताकि शिक्षा सस्ती और सभी के लिए सुलभ हो सके। संगठन ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई, तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।

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