नालंदा जिले में पराली प्रबंधन और फसल अवशेष जलाने की घटनाओं पर अंकुश लगाने में विफल रहने पर कृषि विभाग ने बड़ी कार्रवाई की है। हरनौत प्रखंड में तैनात 17 किसान सलाहकार, दो कृषि समन्वयक और दो सहायक तकनीकी प्रबंधकों के वेतन भुगतान पर अगले आदेश तक रोक लगा दी गई है। जिला कृषि पदाधिकारी (डीएओ) नितेश कुमार ने इन सभी 21 कर्मियों को 24 घंटे के भीतर शोकॉज नोटिस का जवाब देने का निर्देश दिया है। संतोषजनक उत्तर न मिलने पर विभागीय कार्रवाई की चेतावनी भी दी गई है। जानिए क्या है पूरा मामला हरनौत प्रखंड के विभिन्न गांवों में धान की कटाई के बाद पराली जलाने का सबसे ज्यादा मामला सामने आया है। पंचायत स्तर पर तैनात कृषि कर्मियों को स्पष्ट निर्देश दिए गए थे कि फसल जलाने की शिकायत मिलते ही स्थलीय जांच कर दोषी किसानों के खिलाफ कार्रवाई के लिए जिला स्तर पर रिपोर्ट प्रेषित करें। आदेशों की खुलेआम अवहेलना करते हुए इन कर्मियों ने न तो समय पर रिपोर्ट भेजी और न ही वरीय अधिकारियों को सूचना दी गई। जबकि प्रखंड स्तर पर गठित धावा दल के निरीक्षण में हरनौत क्षेत्र के अनेक खेतों में पराली जली हुई मिला 80 किसानों का रजिस्ट्रेशन रद्द यह पहली बार नहीं है जब लापरवाह कर्मियों पर कार्रवाई हुई है। दो दिन पहले भी नूरसराय, थरथरी और हरनौत के प्रखंड कृषि पदाधिकारियों और तीनों प्रखंडों के पांच कर्मियों पर कार्रवाई की गई थी। डीएओ नितेश कुमार ने स्पष्ट किया कि जिले में अब तक पराली जलाने के दोषी 80 किसानों का निबंधन रद्द किया जा चुका है। लापरवाह पदाधिकारियों और कर्मियों पर भी लगातार कार्रवाई हो रही है। आगे भी फसल अवशेष जलाने वाले किसानों के साथ-साथ लापरवाही बरतने वाले कर्मियों पर भी कार्रवाई की जाएगी।
https://ift.tt/ksS9E7b
🔗 Source:
Visit Original Article
📰 Curated by:
DNI News Live

Leave a Reply