हरदोई में गुरुवार को चैत्र नवरात्र के आठवें दिन मां दुर्गा के आठवें स्वरूप मां महागौरी की पूजा-अर्चना की गई। इस अवसर पर शहर और ग्रामीण क्षेत्रों के मंदिरों में सुबह से ही भक्तों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। श्रद्धालुओं ने विधि-विधान से मां की आरती की और फूल-मालाएं अर्पित कीं। 19 मार्च से शुरू हुए नवरात्र के पहले दिन मां शैलपुत्री की पूजा की गई थी। इसके बाद क्रमशः मां ब्रह्मचारिणी, चंद्रघंटा, कूष्मांडा, स्कंदमाता, कात्यायनी और मां कालरात्रि की भी पूरे श्रद्धा भाव और विधि-विधान से पूजा की गई। गुरुवार सुबह तड़के ही भक्त मंदिरों में पहुंचने लगे थे। वे अपने हाथों में मां महागौरी के प्रिय चमेली और मोगरा के सफेद फूल लेकर आए और उन्हें मां की प्रतिमा पर श्रद्धापूर्वक चढ़ाया। भक्तों ने नारियल का भोग लगाया और महिलाओं ने माता को लाल चुनरी, बिंदी, सिंदूर व चूड़ियां अर्पित कीं। शहर के राम जानकी मंदिर के पुजारी मैथिली शरण शास्त्री ने बताया कि मां महागौरी के मंत्र का 108 बार जाप करने से भक्तों की सच्ची मनोकामनाएं पूरी होती हैं। मां काली मंदिर के पुजारी दीपू ने जानकारी दी कि मां महागौरी की आराधना से जीवन में शांति, पवित्रता और ज्ञान का प्रकाश आता है। उन्होंने यह भी बताया कि मां महागौरी की पूजा करने से शीघ्र विवाह और अच्छे वैवाहिक जीवन का आशीर्वाद मिलता है। शहर के शक्ति पीठ श्रवण देवी मंदिर, मां संतोषी मंदिर, राम जानकी मंदिर, काली मंदिर, संकटा देवी मंदिर सहित पाली के पंतवारी मंदिर, बिलग्राम के मां शीतला माता मंदिर, शाहबाद के मंगला देवी मंदिर, बाजीगंज के माता फूलमती देवी मंदिर, माधौगंज के जय मां दुर्गा मंदिर और जरौली कला के दुर्गा माता मंदिर समेत कस्बा व गांवों में स्थित विभिन्न दुर्गा मंदिरों में महिलाओं और पुरुषों ने मां के अलग-अलग स्वरूपों की पूजा कर सुख-शांति और जीवन में सफलता की कामना की।

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