गांधी भवन परिसर में सोमवार को उत्तर प्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन (एनआरएलएम) के तहत दो दिवसीय ‘सरस मेला’ का शुभारंभ हुआ। इस मेले में जिले के विभिन्न विकास खंडों से आए स्वयं सहायता समूहों ने अपने उत्पादों की प्रदर्शनी लगाई, जिसे देखने के लिए बड़ी संख्या में लोग पहुंचे। मेले का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण महिलाओं और स्वयं सहायता समूहों को अपने उत्पादों के प्रदर्शन और विपणन के लिए एक मंच प्रदान करना है, जिससे उनकी आय में वृद्धि हो सके। विभिन्न स्टॉलों पर हस्तशिल्प, खाद्य उत्पाद, सिलाई-कढ़ाई से संबंधित सामान और घरेलू उपयोग की वस्तुएं प्रदर्शित की गईं।
इस अवसर पर मुख्य अतिथि आबकारी राज्य मंत्री नितिन अग्रवाल ने स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं को प्रोत्साहित करते हुए 1500 सिलाई मशीनों का वितरण किया। उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य ग्रामीण महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाना और उनके हुनर के माध्यम से आर्थिक रूप से सशक्त करना है। इन सिलाई मशीनों से महिलाओं को स्वरोजगार के बेहतर अवसर मिलेंगे। अधिकारियों ने बताया कि मेले में प्रत्येक विकास खंड से चयनित स्वयं सहायता समूहों को शामिल किया गया है। स्टॉल आवंटन की प्रक्रिया सरस मेला पोर्टल के माध्यम से पूरी की गई, जिससे आयोजन सुव्यवस्थित ढंग से संपन्न हो सके। कार्यक्रम में भाजपा जिलाध्यक्ष अजीत सिंह बब्बन, मुख्य विकास अधिकारी सान्या छाबड़ा, ब्लॉक प्रमुख धर्मवीर सिंह पन्ने व धर्मेंद्र सिंह, उपायुक्त श्रम एवं रोजगार रवि प्रकाश सिंह और डॉ. रामप्रकाश सहित कई अन्य अधिकारी एवं जनप्रतिनिधि उपस्थित थे। प्रशासन का मानना है कि ऐसे आयोजन ग्रामीण कारीगरों और महिलाओं को बाजार उपलब्ध कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। यह सरस मेला 24 मार्च तक चलेगा, जिसमें विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रम भी आयोजित किए जाएंगे।

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