इटावा में स्मैक रखने के एक मामले में अदालत ने दोषी को तीन वर्ष के कारावास की सजा सुनाई है। इसके साथ ही 10 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया गया है। अर्थदंड अदा न करने पर दोषी को एक माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा। सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता योगेंद्र सिंह परिहार ने बताया कि यह मामला 25 जुलाई 2015 का है। उस दिन थाना फ्रेंड्स कॉलोनी में दारोगा रामबाबू सिंह ने मुकदमा दर्ज कराया था। दारोगा रामबाबू सिंह पुलिस लाइन तिराहा के पास गश्त कर रहे थे, तभी उन्होंने एक व्यक्ति को पुलिस को देखकर घबराते हुए देखा। उसे चौराहा के पास पकड़ लिया गया। तलाशी लेने पर उसके पास से पांच ग्राम स्मैक बरामद हुई। पूछताछ में आरोपी ने अपना नाम गौरव राजपूत पुत्र सुरेश चंद्र बताया, जो मैनपुरी के बागवान कोतवाली का निवासी है और वर्तमान में आजादनगर टीला, थाना फ्रेंड्स कॉलोनी में रहता है। गौरव राजपूत ने बताया कि वह बरामद स्मैक को बेचने के लिए जा रहा था। इस मामले में एनडीपीएस एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज किया गया था। पुलिस ने जांच के बाद गौरव राजपूत के खिलाफ न्यायालय में आरोप पत्र दाखिल किया। अपर सत्र न्यायाधीश कोर्ट संख्या सात सुनीता शर्मा ने मामले की सुनवाई की। सुनवाई के बाद अदालत ने गौरव राजपूत को दोषी ठहराते हुए तीन वर्ष के कारावास की सजा सुनाई।

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