स्ट्रीट लाइट ठीक करते कर्मचारी की पोल से गिरकर मौत:जिला अस्पताल में हंगामा, मृतक की पत्नी को नौकरी, 50 लाख रुपए मुआवजे की मांग
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स्ट्रीट लाइट ठीक करते कर्मचारी की पोल से गिरकर मौत:जिला अस्पताल में हंगामा, मृतक की पत्नी को नौकरी, 50 लाख रुपए मुआवजे की मांग
मेरठ के कंकरखेड़ा में शनिवार को बड़ा हादसा हो गया। यहां स्ट्रीट लाइट ठीक करने के लिए पोल पर चढ़ा कर्मचारी करंट लगने के बाद नीचे आ गिरा, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। इसके बाद लोगों ने हंगामा कर दिया। परिवार के लोग जिला अस्पताल में धरना देकर बैठ गए और नगर निगम के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। सूचना पाकर अपर नगर आयुक्त मौके पर पहुंची और किसी तरह स्थिति को संभाला। पहले एक नजर डालते हैं घटना पर
कंकरखेड़ा के शोभापुर में 36 वर्षीय अमित पुत्र विजेंदर परिवार के साथ रह रहे थे। अमित नगर निगम के स्ट्रीट लाइट सेक्शन में संविदा कर्मचारी थे। शनिवार को हर रोज की तरह वह ड्यूटी पर थे। दोपहर में अमित फ्लाई ओवर के पास खराब एक स्ट्रीट लाइट को ठीक करने के लिए चले। लाइट ठीक करते समय अचानक अमित को जोरदार करंट लगा और वह सीधे पोल से जमीन पर आ गिरे। लोग अमित को उठाकर अस्पताल भाग लेकिन वहां पहुंचने से पहले ही अमित ने दम तोड़ दिया। ठेकेदार पर लापरवाही का आरोप
अमित की मौत के बाद लोगों का गुस्सा फूट पड़ा। उन्होंने नगर निगम के ठेकेदार को अमित की मौत का जिम्मेदार ठहरा दिया। उनका कहना था कि बिना शट डाउन लिए ही कर्मचारियों को पोल पर चढ़ा दिया जाता है। अमित भी ऐसे ही चढ़ा था। काम करते वक्त करंट लगा और वह सीधा नीचे आ गिरा। पुलिस ने आनन फानन में शव जिला अस्पताल भिजवाया, जिसके बाद परिवार के लोग वहां पहुंच गए और धरने पर बैठ गए। व्यापारी नेता भी पहुंचे मौके पर
संविदा कर्मचारी की मौत की सूचना मिलते ही मेरठ व्यापार मंडल से व्यापारी नेता जीतू सिंह नागपाल और शैंकी वर्मा जिला अस्पताल पहुंच गए। नगर निगम की तरफ से किसी भी अधिकारी के ना पहुंचने पर उन्होंने नाराजगी जताई, जिसके बाद पूरा परिसर नगर निगम विरोधी नारों से गूंज उठा। सूचना पाकर देहलीगेट थाना पुलिस मौके पर पहुंची और धरने पर बैठे लोगों से बात की। पत्नी को नोकरी व मुआवजे की मांग
व्यापारी नेता शैंकी वर्मा व जीतू नागपाल का कहना था कि अमित मेहनत मजदूरी कर परिवार को पालता था। उसकी पत्नी आरती घर घर जाकर काम करती है, जब जाकर परिवार पलता है। चार छोटे छोटे बच्चे हैं, जिनके सामने जीविका चलाने का संकट आकर खड़ा हो गया है। उन्होंने पीड़ित परिवार को मुआवजा, आरती को नौकरी और बच्चों की पढ़ाई का खर्च उठाये जाने का मुद्दा उठा दिया। अपर नगर आयुक्त जिला अस्पताल पहुंची
हंगामे की सूचना पर अपर नगर आयुक्त लवी त्रिपाठी सीधे जिला अस्पताल पहुंच गईं। उन्होंने हंगामा कर रहे लोगों से बात की। व्यापारी नेता जीतू नागपाल व शैंकी वर्मा ने परिवार के भरण पोषण का मुद्दा उनके सामने उठाया। काफी देर गहमा गहमी होती रही लेकिन परिवार ने बिना मदद मिले धरना समाप्त करने का इंकार कर दिया। अपर नगर आयुक्त ने दिया पांच लाख का चेक
व्यापारी नेता पीड़ित परिवार को मुआवजे की मांग उठा रहे थे। इसी दौरान संयुक्त व्यापार संघ अध्यक्ष अजय गुप्ता भी वहां पहुंच गए। उन्होंने अपर नगर आयुक्त से बात की। कुछ देर बाद ही अपर नगर आयुक्त ने संविदा कर्मचारियों को मिलने वाली मदद के तौर पर पांच लाख रुपये का चेक मंगाकर अमित की पत्नी आरती को सौंपा। नौकरी व बच्चों की शिक्षा के खर्च पर भी सहमति
व्यापारी नेताओं ने जीविका चलाने के लिए आरती को नौकरी दिलाए जाने का भी आग्रह किया, जिसे स्वीकार कर लिया गया। अपर नगर आयुक्त ने सोमवार को आरती को नगर निगम बुलाया है, जहां वह आगे की प्रक्रिया पूर्ण कराएंगी। इसके अलावा बच्चों की पढ़ाई के खर्च का मुद्दा भी उठा, जिस पर एडीएम सिटी बृजेश कुमार सिंह ने टेलीफोनिक वार्ता कर समाधान निकालने का भरोसा दिलाया है। तीन घंटे तक जिला अस्पताल में हंगामा
करीब तीन घंटे तक जिला अस्पताल में इमर्जेंसी के सामने हंगामा होता रहा। तीनों मांगे माने जाने के आश्वासन के बाद परिजनों ने धरना समाप्त कर दिया। इसके बाद पुलिस ने शव का पंचनामा भरकर उसे मोर्चरी भिजवा दिया। रविवार को पोस्टमार्टम के बाद शव परिवार के सुपुर्द किया जाएगा। अपर नगर आयुक्त बोली- परिवार को मिलेगी मदद
अपर नगर आयुक्त लवी त्रिपाठी ने बताया कि मृतक अमित के परिवार के लिए कुछ मांगे उठाई जा रहीं थी, जिन्हें मान लिया गया है। पांच लाख रुपये का चेक दिया गया है। अन्य मांगों को भी जल्द पूरा कराने का प्रयास किया जाएगा। पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया जाएगा।
Source: Dainik Bhaskar via DNI News
