अलीगढ़ के थाना सिविल लाइंस क्षेत्र के फिरदौस नगर में रविवार देर रात स्टॉक कर रखे गैस सिलंडरों में संदिग्ध परिस्थितियों में आग लग गई। एक के बाद एक आग की चपेट में आए सिलंडरों की धमके की आवाज से हड़कंप मच गया। लोग अपने घरों से बाहर निकल आए और मकान की तीसरी मंजिल पर आग की लपटें देख तुरंत थाना पुलिस को सूचना दी। वहीं, सूचना पर फायर ब्रिगेड की टीम भी मौके पर पहुंच गई। दमकल की टीम ने कड़ी मशक्कत के बाद आधा घंटे में आग पर काबू पाया और आग की लपटों में फंसे दोनों भाइयों को जेएन मेडिकल पहुंचाया। यहां से गंभीर हालत होने पर दिल्ली रेफर कर दिया गया है। देर रात धमाकों से थर्रा दहला इलाका घटना रविवार रात करीब 1:30 बजे की है। फिरदौस नगर B की गली नंबर 3 में स्थित मकान की तीसरी मंजिल से अचानक तेज धमाकों की आवाजें आने लगीं। धमाके इतने जोरदार थे कि आसपास के घरों में भी कंपन महसूस किया गया। सूचना मिलते ही फायर ब्रिगेड की टीम और थाना सिविल लाइंस पुलिस मौके पर पहुंची। 3 सिलंडर फटे, 2 खाली होने से बचा बड़ा हादसा मौके पर मौजूद दमकल कर्मियों ने करीब आधे घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। जांच में सामने आया कि कमरे में कुल 5 गैस सिलंडर रखे हुए थे। अंदेशा जताया जा रहा है कि गैस लीकेज के कारण आग लगी और 3 सिलेंडर एक के बाद एक फट गए। दो सिलंडर खाली होने की वजह से फटने से बच गए, वरना हादसा और भी भयावह हो सकता था। बरेली के रहने वाले हैं दोनों भाई बरेली निवासी जिर्रार (48) और शहजाद (45) पुत्रगण हारुन फिरदौस नगर में किराए के मकान में तीसरी मंजिल पर रहते हैं। वह नई बस्ती में एक चाय की दुकान पर काम करते हैं। जांच में सामने आया है कि चाय की दुकान के लिए सिलंडर स्टॉक कर इनके ही कमरे पर रखे गए थे। पांच सिलंडर में से तीन भरे हुए थे, जबकि दो खाली थे। गंभीर हालत में दिल्ली रेफर सिविल लाइंस पुलिस दोनों घायलों को लेकर जेएन मेडिकल कॉलेज पहुंची। यहां पर बर्न यूनिट तो है, लेकिन ICU की पर्याप्त सुविधा नहीं है। दोनों की हालत गंभीर होने पर उन्हें दिल्ली रेफर कर दिया गया और उनके परिजन को भी सूचना दे दी गई है। अवैध भंडारण की आशंका, जांच शुरू सीएफओ मुकेश कुमार ने बताया कि प्रथम दृष्टया मामला गैस लीकेज का लग रहा है। कमरे में बंद गैस के बीच बिजली का स्विच दबाने या चिंगारी उठने से विस्फोट हुआ होगा। पुलिस अब इस बिंदु पर जांच कर रही है कि एक रिहायशी इलाके के कमरे में इतनी बड़ी संख्या में सिलेंडर क्यों रखे गए थे। यह भी जांच की जा रही है, अवैध रूप से रिफिलिंग या भंडारण तो नहीं किया जा रहा था।

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