मेरठ के एनआईसी सभागार में जिलाधिकारी डॉ. वी.के. सिंह की अध्यक्षता में जिला विद्यालय यान सड़क सुरक्षा समिति की बैठक आयोजित की गई। बैठक में जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी, मेरठ और नगर निगम के अधिशासी अधिकारी का कोई प्रतिनिधि उपस्थित नहीं हुआ। इसके अतिरिक्त, स्कूलों के प्रबंधक और प्रधानाचार्य भी अपेक्षित संख्या में मौजूद नहीं थे, जबकि उन्हें लिखित और मोबाइल फोन के माध्यम से सूचित किया गया था। जिलाधिकारी ने इस अनुपस्थिति पर कड़ी नाराजगी व्यक्त की और अनुपस्थित अधिकारियों व स्कूल प्रबंधकों को नोटिस जारी करने के निर्देश दिए। उन्होंने इसे स्कूली वाहनों और छात्र-छात्राओं की सुरक्षा के प्रति लापरवाही और असंवेदनशीलता बताया।
गौरतलब है कि उत्तर प्रदेश सरकार 1 अप्रैल से 15 अप्रैल तक एक विशेष स्कूली अभियान चलाने जा रही है। इस अभियान के तहत सभी स्कूल वाहनों को अपने वाहनों और चालकों का विवरण स्कूली वाहन पोर्टल पर दर्ज करना अनिवार्य है। बैठक के दौरान स्कूली वाहनों से संबंधित एक विस्तृत नियमावली पुस्तक का विमोचन भी किया गया। इस पुस्तक में स्कूली वाहनों के संचालन, प्रशमन शुल्क, यातायात चिन्ह और यातायात नियमों का विस्तृत विवरण दिया गया है। इस अवसर पर वरिष्ठ सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी (प्रवर्तन) और जिला विद्यालय यान परिवहन सुरक्षा समिति, मेरठ के सदस्य-सचिव राजेश कर्दम, संभागीय परिवहन अधिकारी अम्ब्रीश कुमार, सीओ ट्रैफिक अभिषेक पटेल, जिला विद्यालय निरीक्षक राजेश सिंह उपस्थित रहे। इसके अतिरिक्त, मिशिका सोसाइटी के अध्यक्ष अमित नागर, मेरठ-मवाना बस यूनियन के अध्यक्ष हाजी इलियास, बस एसोसिएशन मेरठ के अध्यक्ष कल्याण सिंह भी मौजूद थे। संत फ्रांसिस स्कूल, मेरठ इंटरनेशनल पब्लिक स्कूल, द एवेन्यू पब्लिक स्कूल, ट्रांसलेम, बी.एन.जी स्कूल, बी.डी.एस, एम.आई.ई.टी, बेंज एजुकेशन, डी.पी.एम. स्कूल, गोरी इंटरनेशनल, मॉडल पब्लिक स्कूल सहित अन्य स्कूली संस्थानों के ट्रांसपोर्ट इंचार्ज भी बैठक में शामिल हुए।

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