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स्कूली वाहनों की निगरानी सख्त:यूपी में नया पोर्टल एक्टिव, उन्नाव के 910 वाहनों पर रहेगी नजर


                 स्कूली वाहनों की निगरानी सख्त:यूपी में नया पोर्टल एक्टिव, उन्नाव के 910 वाहनों पर रहेगी नजर

स्कूली वाहनों की निगरानी सख्त:यूपी में नया पोर्टल एक्टिव, उन्नाव के 910 वाहनों पर रहेगी नजर

उत्तर प्रदेश परिवहन विभाग ने स्कूली वाहनों से जुड़े हादसों को गंभीरता से लेते हुए निगरानी व्यवस्था को और सख्त कर दिया है। बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के उद्देश्य से विभाग ने ‘यूपी इंटीग्रेटेड स्कूल व्हीकल मॉनिटरिंग पोर्टल’ (UP ISVMP) नामक एक नया ऑनलाइन मॉनिटरिंग पोर्टल शुरू किया है। इस पोर्टल के माध्यम से अब स्कूल वाहनों की ऑनलाइन निगरानी की जाएगी और नियमों का पालन न करने वाले वाहनों पर कड़ी कार्रवाई होगी। परिवहन विभाग के अनुसार, प्रदेश के सभी स्कूलों के लिए अपने वाहनों से संबंधित आवश्यक दस्तावेज इस पोर्टल पर अपलोड करना अनिवार्य है। इनमें वाहन का रजिस्ट्रेशन, फिटनेस प्रमाणपत्र, बीमा, परमिट, चालक का लाइसेंस, ड्राइवर का सत्यापन और अन्य सुरक्षा मानकों से जुड़े दस्तावेज शामिल हैं। अपलोड किए गए डेटा की निगरानी सीधे एआरटीओ कार्यालय द्वारा की जाएगी, जिससे फर्जी, अनफिट या कबाड़ हो चुके वाहनों को सड़कों पर चलने से रोका जा सके। उन्नाव जिले में कुल 910 स्कूली वाहन पंजीकृत हैं, जिन पर अब इस पोर्टल के माध्यम से नजर रखी जाएगी। विभागीय जानकारी के मुताबिक, यह पोर्टल 1 अप्रैल से पूरी तरह सक्रिय कर दिया गया है। उन्नाव की एआरटीओ श्वेता वर्मा ने बताया कि अब तक जिले के 43 विद्यालयों द्वारा 127 स्कूल वाहनों का डेटा पोर्टल पर अपलोड किया जा चुका है। शेष विद्यालयों को जल्द से जल्द यह प्रक्रिया पूरी करने के निर्देश दिए गए हैं। एआरटीओ श्वेता वर्मा ने सभी स्कूल प्रबंधकों से अपील की है कि वे अपने संस्थान के U-DISE कोड का उपयोग कर निर्धारित समय के भीतर सभी वाहनों की जानकारी पोर्टल पर अपलोड करें। उन्होंने चेतावनी दी कि निर्धारित समय सीमा के बाद नियमों का पालन न करने वाले स्कूलों और वाहनों के खिलाफ नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी। परिवहन विभाग का मानना है कि इस नई डिजिटल व्यवस्था से स्कूल वाहनों की पारदर्शी निगरानी संभव होगी और बच्चों की सुरक्षा से किसी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा। यह प्रणाली यह भी सुनिश्चित करेगी कि केवल फिट और सुरक्षा मानकों पर खरे उतरने वाले वाहन ही छात्रों को लाने-ले जाने का कार्य करें।
कि जिले के स्कूल प्रबंधन कितनी तेजी से पोर्टल पर डाटा अपलोड कर नियमों का पालन करते हैं और बच्चों की सुरक्षित यात्रा सुनिश्चित करने में कितना सहयोग देते हैं।


Source: Dainik Bhaskar via DNI News

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