लखनऊ में सोशल मीडिया और डेटिंग ऐप से दोस्ती कर लूट करने वाले कई गैंग एक्टिव हैं। 16 मार्च को अलीगंज पुलिस एक गैंग के सात सदस्य जेल भेज चुकी है। इसके पहले हजरतगंज पुलिस ने पांच आरोपियों को जेल भेजा था। इसके बावजूद लूट की घटनाएं रुकने का नाम नहीं ले रही हैं। अब इंदिरानगर थाने में दो मुकदमें दर्ज किए गए हैं। ये वो पीड़ित हैं, जिन्हें पुलिस ने घटना का शिकार होने के बाद भगा दिया था। इंदिरानगर थानाक्षेत्र के दो अन्य मामले भी सामने आए हैं। जिसमें पीड़ितों के साथ कुकरैल जंगल में लूटपाट हुई थी। पहले लूट की इन वारदातों को पढ़िए… 1. कुकरैल बुलाकर बंधक बनाया कल्याणपुर गुडंबा निवासी सचिन चौहान प्राइवेट कॉलेज का छात्र है। उसने बताया कि सोशल मीडिया के जरिए उसकी मुलाकात आदर्श सिंह से हुई। 12 जुलाई 2025 को आदर्श ने मिलने के लिए बुलाया। सचिन मिलने के लिए कुकरैल पहुंचा। वहां पहुंचने के बाद चार अन्य लड़के आ गए और जबरन पकड़ लिया। उन लड़कों ने सचिन को कुकरैल जंगल के सुनसान क्षेत्र में पूरी रात बंधक बनाकर रखा। बेरहमी से मारपीट करते रहे। उनके पास चाकू और लोहे की रॉड थी। जिससे वो डरा धमकाकर जान से मारने की धमकी दे रहे थे। मारपीट कर जबरन पैसे ट्रांसफर कराए। मोबाइल छीनकर डेटा व कन्टैक्ट लिस्ट कॉपी कर ली। इस दौरान उसका वीडियो बनवाया कि पुराने उधार के पैसे वापस कर रहा हूं। आरोपियों ने उसे अगली सुबह करीब 6 बजे छोड़ा। इसके बाद भी ब्लैकमेल करते रहे। पीड़ित ने अपने दोस्तों को बताया। जिसके बाद थाने जाकर मुकदमा दर्ज कराया। 2. CIMAP के पास घुमाने के बहाने ले गया इंदिरानगर निवासी राहुल वर्मा ने बताया- 30 नवम्बर 2025 को इंस्टाग्राम पर एक व्यक्ति शिवम उपाध्याय से संपर्क हुआ। जिसने रात 8:20 बजे मिलने के लिए खुर्रम नगर मस्जिद के पास बुलाया। राहुल उसके बुलाने पर पहुंच गया। शिवम उपाध्याय अपनी बाइक पर बैठाकर CIMAP के पास घुमाने के बहाने ले गया। रास्ते में उसने बाइक रोकी, तभी उसके दो साथी और आ गए। उनमें से एक व्यक्ति सदीप गौतम ने मेरी जेब में एक पैकेट डाल दिया और जोर-ओर से चिल्लाने लगा कि यह लड़का गांजा बेचता है। इसे पुलिस के हवाले करेंगे। विरोध करने पर विवेक कुमार ने चाकू निकालकर सीने पर तान दिया। चुपचाप जंगल की तरफ ले गए। वहां से भागने की कोशिश की तो शिवम और संदीप ने पकड़ लिया। जमीन पर पटककर घसीटते हुए जंगल के अंदर ले गए। जंगल के अंदर तीनों व्यक्तियों ने लगातार लात-घूंसों से पीटा। मुंह रुमाल से कसकर बांध दिया। जिससे आवाज न निकाल सकूं। राहुल से 8500 नगद, सोने की चेन, छीन लिया। इसके बाद मोबाइल पासवर्ड UPI पिन जबरन पूछे और कहा 50 हजार रुपए भेजो। मना करने पर अन्य लोगों से पैसा मांगने के लिए कहा। इसके बाद जबरन रुपए ट्रांसफर करवा लिया। उन्होंने उधार लेने का एक वीडियो बनवाया। इसके बाद शिवम उपाध्याय ने मुझे बाइक पर बैठाया, विवेक कुमार पीछे बैठा लगभग 10:30 बजे मस्जिद के पास उतार दिया। यहां से खुर्रम नगर चौकी के पास एक चाय-दुकान पर पहुंचा। पानी पिया, मुँह धोया और किसी तरह घर लौटा। अगले दिन 1 दिसम्बर 2025 भाऊराव देवरस अस्पताल मेडिकल कराने गया। जहां डॉक्टरों ने पुलिस केस बताकर वापस कर दिया। इसके बाद पुलिस से शिकायत की, लेकिन कोई मदद नहीं मिली। 3. मीडिया में आने के बाद पहला मुकदमा दर्ज हुआ पार्श्वनाथ प्लेनेट अपार्टमेंट विभूति खंड निवासी नीरज सिंह यूपीएससी की तैयारी कर रहे हैं। वह अपना यू-ट्यूब चैनल बनाकर क्लास भी देते हैं। नीरज का आरोप है कि उनकी मुलाकात वॉट्सऐप के जरिए विवेक से हुई। उसने पढ़ाई के लिए मदद मांगी। बाद में 20 अगस्त को मिलने के लिए बुलाया। अपनी गैंग के साथ खुर्रमनगर के पास कुकरैल जंगल में ले गया। चाकू दिखाकर लूटपाट की। नीरज का का कहना है कि गैंग के सदस्यों के पास गांजा के पैकेट थे। जिसे वे मेरी जेब में रखकर झूठे केस में फंसाने की धमकी दे रहे थे। सभी बदमाश खुद को पुलिसवालों के परिवार का बता रहे थे। नीरज भी पुलिस के पास पहुंचे, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। गैंग बनाकर लूट करने वाले 12 गिरफ्तार सोशल मीडिया और डेटिंग ऐप से दोस्ती कर लूट करने वाले कई गैंग को पुलिस पकड़ चुकी है। 16 मार्च को अलीगंज की एक घटना में सेक्टर-ई कूड़ाघर अलीगंज के पास से पांच युवकों को गिरफ्तार किया गया था। आरोपियों की पहचान शक्तिनगर इंदिरा नगर निवासी खालिद अहमद (23), सर्वोदय नगर गाजीपुर निवासी देवकरण सिंह (23), अलीगंज निवासी आकाश पांडे (21), पूर्वांचल नगर सर्वोदय नगर निवासी सुभाष रावत (21) के रूप में हुई। गैंग में एक नाबालिग भी शामिल है। दो दिन बाद इसी मामले में दो अन्य सदस्य पकड़े गए थे। जिनकी पहचान वंश रस्तोगी (19) और ऋषभ रस्तोगी (21) के रूप में हुई। इवेंट ऑर्गेनाइजर को लूटा निशातगंज न्यू हैदराबाद स्थित कलाकांकर कॉलोनी, ईसेंस रेजीडेंसी निवासी रोहित बंसल इवेंट ऑर्गेनाइजर हैं। पुलिस को दी तहरीर में बताया कि 25 फरवरी को उनके मोबाइल पर अंजान नंबर से कॉल आई थी। कॉल करने वाले ने डेकोरेशन के सिलसिले में मिलने को कहा। गुरुवार शाम हजरतगंज स्थित बोट क्लब के पास पहुंच गए। जहां नुरुद्दीन उर्फ समीर (21), आयुष यादव (28), रवि राजपूत (19), आयुष बाल्मिकी (19) और गोपाल सोनी (18) ने लूट लिया। पुलिस ने पांचों को गिरफ्तार कर जेल भेजा था। ACP गाजीपुर अनिंद्य विक्रम सिंह ने बताया- नॉर्थ जोन में हुए खुलासे के बाद आरोपियों ने कई घटनाओं को कबूल किया था। जिसके आधार पर मुकदमे दर्ज किए गए हैं। जांच के बाद यह साफ हो पाएगा। इन घटनाओं के आरोपी वही हैं या फिर कोई अन्य गैंग एक्टिव है।

Leave a Reply