पीलीभीत में प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना के नाम पर धोखाधड़ी का मामला सामने आया है। एक सोलर पैनल विक्रेता से करीब डेढ़ लाख रुपये की ठगी की गई। बकाया मांगने पर उसे झूठे मुकदमे में फंसाने की धमकी भी दी गई। शहर कोतवाली पुलिस ने पीड़ित की शिकायत पर बैंक के एक सेवानिवृत्त कर्मचारी, उनकी पत्नी और बेटे के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुरानी नकटादाना चौराहा स्थित ‘पीवीएस ट्रेडर्स’ के मालिक प्रीतम शर्मा ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि वह पीएम सूर्यघर योजना के तहत सोलर पैनल लगाने का काम करते हैं। दिसंबर में कृष्ण लोक कॉलोनी निवासी सुनीता देवी, उनके पति रामदास (जो एसबीआई से सेवानिवृत्त कर्मचारी हैं) और उनका बेटा अमन उनके कार्यालय आए थे। उन्होंने अपने घर पर तीन किलोवाट का सोलर रूफटॉप प्लांट लगवाने के लिए 1.95 लाख रुपये का अनुबंध किया था। प्रीतम शर्मा के अनुसार, रामदास से पुराने परिचय और अच्छे संबंधों के कारण उन्होंने उन पर भरोसा किया। बैंक ऋण स्वीकृत होने की औपचारिकता पूरी होने से पहले ही उन्होंने प्लांट स्थापित कर उसे चालू कर दिया। सोलर प्लांट लगने के कुछ समय बाद, तकनीकी कारणों से बैंक ने सुनीता देवी का ऋण आवेदन निरस्त कर दिया। इसके बाद जब प्रीतम शर्मा ने भुगतान मांगा, तो आरोपियों ने उन्हें केवल 40 हजार रुपये का एक चेक दिया। शेष 1.55 लाख रुपये का भुगतान लंबे समय तक नहीं किया गया। शिकायत में आरोप है कि जब पीड़ित ने 1.55 लाख रुपये की बकाया राशि मांगी, तो आरोपियों ने उनके साथ अभद्रता और गाली-गलौज की। इतना ही नहीं, उन्हें भविष्य में पैसे मांगने पर झूठे मुकदमे में फंसाने की धमकी देकर कार्यालय से भगा दिया गया। कोतवाली प्रभारी निरीक्षक सत्येंद्र कुमार ने बताया कि प्रीतम शर्मा की शिकायत के आधार पर आरोपियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है। पुलिस मामले से संबंधित तकनीकी और वित्तीय साक्ष्यों की जांच कर रही है, जिसके आधार पर आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।

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