सारण जिले के सोनपुर में एयरपोर्ट बनेगा। 4200 एकड़ भूमि पर अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा बनाया जाएगा। यह निर्णय शुक्रवार को मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की अध्यक्षता में आयोतित कैबिनेट की बैठक में लिया गया है। कैबिनेट की बैठक में 35 एजेंडों पर मुहर लगी है। प्रस्तावित एयरपोर्ट हाजीपुर-डुमरिया के बीच दरियापुर चंवर क्षेत्र में बनेगा। सरकार ने इसे वर्ष 2030 तक तैयार करने का लक्ष्य रखा है। इस एयरपोर्ट का रनवे इतना आधुनिक और लंबा होगा कि यहां दुनिया के सबसे बड़े यात्री विमानों में शामिल एयरबस A380 जैसे विमान भी उतर सकेंगे। केंद्रीय बजट में सोनपुर ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट को मंजूरी मिलने के बाद बिहार सरकार ने आगे की प्रक्रिया तेज की। राज्य सरकार ने कैबिनेट से मंदूरी दे दीहै। अब जमीन अधिग्रहण के लिए राज्य सरकार ने 1302 करोड़ रुपये की स्वीकृति दी है। 4200 मीटर लंबे दो रनवे होंगे, सभी फ्लाइट उतर सकेंगी सोनपुर एयरपोर्ट की सबसे बड़ी खासियत यह होगी कि यहां 4200 मीटर लंबाई के दो रनवे प्रस्तावित हैं। रनवे की पर्याप्त लंबाई के कारण यहां सभी प्रकार के विमान उतर सकेंगे। एयरपोर्ट को अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप विकसित किया जाएगा। दिल्ली, हैदराबाद, नवी मुंबई और नोएडा (जेवर) इंटरनेशनल एयरपोर्ट के बाद यह देश का 5वां सबसे बड़ा एयरपोर्ट होगा। अगर ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट की बात करें तो देशभर में अब तक 23 ग्रीनफील्ड हवाई अड्डे विकसित किए जा चुके हैं। इस लिहाज से सोनपुर हवाई अड्डा 24वां ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट होगा। पिछली बैठक में 17 एजेंडों पर लगी थी मुहर इससे पहले 6 फरवरी को मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में 17 एजेंडों पर मुहर लगाई गई थी। इनमें सबसे अहम फैसला पॉक्सो मामलों की सुनवाई तेज करने को लेकर था। राज्य में पॉक्सो के करीब 6 हजार मामले लंबित हैं। इन मामलों के त्वरित निपटारे के लिए सरकार ने विशेष अदालतों में पद सृजन का निर्णय लिया, जिसे कैबिनेट की मंजूरी मिल चुकी है। बताया गया कि हॉस्टल में नीट छात्रा के साथ हुई रेप और मौत की घटना के बाद सरकार ने यह कदम उठाया, ताकि संवेदनशील मामलों में तेजी लाई जा सके। गाड़ियों के रजिस्ट्रेशन नियम में संशोधन को मिली थी स्वीकृति इसके अलावा 15 साल पुरानी गाड़ियों के रजिस्ट्रेशन नियम में संशोधन को भी कैबिनेट की स्वीकृति मिली थी। यह नियम सरकारी और गैर-सरकारी दोनों प्रकार के वाहनों पर लागू होगा। सरकार का कहना है कि इस बदलाव से परिवहन व्यवस्था को अधिक व्यवस्थित और सुरक्षित बनाया जा सकेगा। ‘राज्य नागरिक सुरक्षा संहिता’ लिखने को दी थी हरी झंडी कैबिनेट ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा 218(3) में संशोधन को भी मंजूरी दी। इसमें “भारतीय” के स्थान पर “राज्य नागरिक सुरक्षा संहिता” लिखे जाने को हरी झंडी दी गई। साथ ही जिलास्तरीय बैठकों में सांसद और विधायक के प्रतिनिधियों को शामिल करने का निर्णय लिया गया। सड़क दुर्घटनाओं में पीड़ितों को मिलने वाली सहायता राशि को दोगुना करने का फैसला भी लिया गया है। वहीं नगर परिषद में स्थायी सशक्त समिति के गठन को लेकर भी महत्वपूर्ण निर्णय पर मुहर लगी थी। अब आज होने वाली कैबिनेट बैठक में भी कई अहम प्रस्तावों पर निर्णय की संभावना जताई जा रही है।
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