‘सैफी दिवस’ पर जिला अस्पताल में मरीजों को बांटे फल:सैफी संगठन समिति ने लिया सेवा के मार्ग पर आगे बढ़ने का संकल्प
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‘सैफी दिवस’ पर जिला अस्पताल में मरीजों को बांटे फल:सैफी संगठन समिति ने लिया सेवा के मार्ग पर आगे बढ़ने का संकल्प
सोमवार को सैफी समिति द्वारा ‘सैफी दिवस’ मनाया गया। इस मौके पर समिति के लोगों ने अपने इतिहास, पहचान और देश के विकास में योगदान को याद किया। कार्यक्रम के तहत जिला चिकित्सालय में मरीजों को फल व जल का वितरण किया गया। सैफी समाज को पहले लुहार और बढ़ई के नाम से जाना जाता था, जो पारंपरिक रूप से लोहे और लकड़ी का कार्य करते रहे हैं। इस समाज का देश के निर्माण और विकास में महत्वपूर्ण योगदान रहा है। समिति के वरिष्ठों ने बताया कि 6 अप्रैल 1975 को अमरोहा के ईदगाह मैदान में एक विशाल जनसभा आयोजित हुई थी। इसमें देशभर से समाज के लोग शामिल हुए थे। सभा में समाज की उन्नति और एकजुट पहचान को लेकर चर्चा हुई, जिसमें कई नाम प्रस्तावित किए गए। अंततः सर्वसम्मति से ‘सैफी’ नाम को स्वीकार किया गया। सैफी संगठन समिति के राष्ट्रीय अध्यक्ष हसीन अहमद सैफी अपने साथियों के साथ जिला अस्पताल पहुंचे, जहां उन्होंने मरीजों व उनके परिजनों को फल व जल वितरित किए। उन्होंने कहा कि समाज सेवा ही सच्ची श्रद्धांजलि है और ऐसे कार्यक्रम आगे भी जारी रहेंगे। इस अवसर पर सलीम मोदी, नसीम आलम, सआलेचैन सैफी, आरिफ सैफी, गुलजार सैफी, मुजफ्फर सैफी, चांद सैफी, इमरान सैफी, आसिफ सैफी और यूनुस सैफी सहित अन्य लोग मौजूद रहे। कार्यक्रम के अंत में सभी ने एकजुटता, शिक्षा और सेवा के मार्ग पर आगे बढ़ने का संकल्प लिया।
Source: Dainik Bhaskar via DNI News
