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सैफई मेडिकल कॉलेज में मानसिक विक्षिप्त महिला मरीज से रेप:सफाईकर्मी कई महीनों से कर रहा था यौनशोषण, हुई 5 महीने की प्रेग्नेंट, HOD हटे

यूपी के इटावा स्थित उत्तर प्रदेश आयुर्विज्ञान विश्वविद्यालय, सैफई में मानसिक रोग विभाग में भर्ती गर्भवती मानसिक विक्षिप्त महिला से रेप का मामला सामने आया है। अस्पताल में कार्यरत कर्मचारी पीड़िता से कई दिनों तक रेप करता रहा। मामले का खुलासा तब हुआ, जब पीड़िता 5 महीने की गर्भवती हो गई। पुलिस के अनुसार, पीड़िता पिछले कई महीनों से वार्ड में भर्ती थी, आरोपी आउटसोर्स सफाई कर्मचारी की भी ड्यूटी उसी वार्ड में लगी थी। इसी दौरान उसने महिला की मानसिक स्थिति का फायदा उठाते हुए हवस का शिकार बनाया। कई दिनों तक रेप करता रहा। विश्वविद्यालय की शिकायत पर पुलिस ने आरोपी कर्मचारी को गिरफ्तार कर लिया है। वहीं विवि प्रबंधन ने कार्रवाई करते हुए मानसिक रोग विभागाध्यक्ष को पद से हटा दिया है। वार्ड में तैनात सभी कर्मचारियों के ट्रांसफर कर दिए हैं। पुलिस पीड़िता का मेडिकल करा रही है। पुलिस ने विवि प्रबंधन को वार्ड में लगे सीसीटीवी के रिकॉर्ड्स मांगे हैं। विवि प्रबंधन ने तीन सदस्यीय टीम गठित कर 48 घंटे में जांच रिपोर्ट मांगी है। पीड़िता की स्थिति की निगरानी के लिए भी एक विशेष टीम बनाई गई है। अब पूरा मामला सिलसिलेवार तरीके से जानिए… इटावा में उत्तर प्रदेश आयुर्विज्ञान विश्वविद्यालय, सैफई में पीड़ित मानसिक विक्षिप्त महिला को 24 जून 2025 को मानसिक रोग विभाग में भर्ती कराया गया था। विवि प्रवक्ता शिवम झा ने बताया- महिला बेसहारा है और उसके साथ कोई तीमारदार मौजूद नहीं रहता है। मनोचिकित्सा विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ. अरुण कुमार मिश्रा ने 18 मार्च 2026 को पत्र भेजकर बताया कि उनके वार्ड में भर्ती एक मानसिक रोगी महिला के साथ यौन शोषण हुआ। महिला का इलाज चल रहा था। आरोप है कि आउटसोर्स के तहत तैनात सफाई कर्मचारी रविंद्र ने इस वारदात को अंजाम दिया, जिसके कारण महिला 5 महीने की गर्भवती हो गई। मामले की जानकारी मिलते ही विवि प्रबंधन की ओर से 18 मार्च को थाना सैफई में तहरीर दी गई। पुलिस ने मुकदमा दर्ज करते हुए आरोपी कर्मचारी रवींद्र को गिरफ्तार कर लिया। वहीं विवि प्रबंधन की ओर से विभागाध्यक्ष डॉ. अरुण कुमार मिश्रा को हटाया गया है। उनके स्थान पर चिकित्सा संकायाध्यक्ष को अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया। साथ ही वार्ड में तैनात सभी कर्मचारियों को दूसरे विभागों में ट्रांसफर कर दिया गया है। तीन सदस्यीय टीम कर रही जांच, एक टीम पीड़िता की देखभाल
विवि प्रवक्ता शिवम झा ने बताया- पीड़िता को न्याय दिलाने के लिए 19 मार्च को ही तीन सदस्यीय जांच समिति बना दी गई है।। इस समिति को 48 घंटे के भीतर अपनी रिपोर्ट देने के लिए कहा गया है। समिति विभाग के कर्मचारियों की भूमिका, सुरक्षा व्यवस्था और संभावित लापरवाही की जांच करेगी। वहीं महिला मरीज की स्थिति को देखते हुए मुख्य चिकित्सा अधीक्षक ने ऑब्स एंड गायनी विभाग की अध्यक्षता में एक विशेष मेडिकल टीम गठित की है। यह टीम महिला की गर्भावस्था और स्वास्थ्य से जुड़ी सभी जरूरी जांच और उपचार सुनिश्चित करेगी, ताकि उसे किसी प्रकार की दिक्कत न हो और बेहतर इलाज मिल सके। डीएम को भेजी गई जानकारी
इस पूरे मामले की जानकारी 19 मार्च को ही डीएम इटावा को भेज दी गई। साथ ही आंतरिक शिकायत समिति से भी रिपोर्ट मांगी गई। प्रशासनिक स्तर पर इस मामले को गंभीरता से लिया जा रहा है और लगातार निगरानी की जा रही है। विवि से मांगे गए सीसीटीवी रिकॉर्ड्स – सीओ
सीओ रामगोपाल शर्मा ने बताया- विवि ने मानसिक वार्ड में भर्ती एक मानसिक विक्षिप्त महिला मरीज से रेप होने की शिकायत की थी। वार्ड के ही एक कर्मचारी ने उसका यौनशोषण किया है। जिससे महिला 5 महीने की प्रेग्नेंट हो गई है। मुकदमा दर्ज कर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है। पीड़िता की मेडिकल जांच कराई जा रही है। विवि प्रबंधन से वार्ड में लगे सभी सीसीटीवी के फुटेज रिकॉर्ड्स मांगे गए हैं। वार्ड के अन्य कर्मचारियों और डॉक्टरों से पूछताछ की जा रही है। विवि स्तर पर भी जांच जारी है। रिपोर्ट्स के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। नियमित जांच, फिर क्यों नहीं पता चल सकी प्रेग्नेंसी? इस पूरे मामले में विवि के कई अन्य कर्मचारियों-अधिकारियों की भूमिका भी संदिग्ध मानी जा रही है। वार्ड में सुरक्षा गार्ड तैनात रहते हैं, जगह-जगह सीसीटीवी कैमरे लगे हुए हैं तो इतने दिनों पर आरोपी कैसे महिला का यौनशोषण करता रहा। वहीं पीड़िता की नियमित रूप से हेल्थ जांच की जाती है तो गर्भवती होने की बात 5 महीने बाद कैसे पता चली? ————————————————- ये खबर भी पढ़िए… आगरा में पिता, बेटा-बहू और पोती समेत 5 की मौत:पेड़ से टकराई बोलेरो, नवरात्रि के पहले दिन कैलादेवी से लौट रहे थे
आगरा में श्रद्धालुओं से भरी बोलेरो पेड़ से टकरा गई। हादसे में एक ही परिवार के 5 लोगों की मौत हो गई। मरने वालों में पिता, बेटा, बहू, पोती और नाती शामिल हैं। तीन लोग घायल हैं। हादसे के बाद गांव वालों ने गाड़ी के शीशे तोड़कर सभी को निकाला। परिवार नवरात्रि के पहले दिन इटावा से राजस्थान के कैलादेवी दर्शन करने गया था। देर रात वहां से लौट रहा था। गुरुवार रात 11 बजे थाना चित्राहाट क्षेत्र में हादसा हुआ। टक्कर इतनी जोरदार थी कि बोलेरो का आगे का हिस्सा बुरी तरह पिचक गया। आधी छत उखड़ गई। पूरी खबर पढ़ें…

Source: Dainik Bhaskar via DNI News (Prayagraj)

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