चित्रकूट जनपद की विभिन्न मूलभूत समस्याओं को लेकर सेवा भारती चित्रकूट के पदाधिकारियों ने मुख्यमंत्री को संबोधित एक ज्ञापन जिलाधिकारी के माध्यम से भेजा। जिला महामंत्री राज किशोर शिवहरे, गुरु प्रकाश शुक्ला और शिवकुमार ने शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार, पर्यटन, परिवहन और पेयजल से जुड़ी लंबित मांगों पर तत्काल कार्रवाई की मांग की। ज्ञापन में शिक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ करने पर विशेष बल दिया गया है। इसमें निशुल्क अभ्युदय कोचिंग पुस्तकालय के लिए अतिरिक्त हॉल के निर्माण, लगभग 37 वर्षों से उपेक्षित गोस्वामी तुलसीदास महाविद्यालय बेड़ी पुलिया में एमएससी व एमकॉम कक्षाओं के संचालन, राजकीय बालिका महाविद्यालय के शीघ्र प्रारंभ होने तथा राजकीय बालिका इंटर कॉलेज राजापुर के भवन निर्माण की मांगें प्रमुख हैं। इसके अतिरिक्त, प्रस्तावित मेडिकल, इंजीनियरिंग और एग्रीकल्चर कॉलेज के निर्माण को गति देने की भी बात कही गई है। स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार के लिए जिला चिकित्सालय में हृदय रोग व न्यूरो विशेषज्ञ की नियुक्ति, एमआरआई यूनिट की स्थापना और 200 बेड के अस्पताल को पूर्ण सुविधाओं के साथ शुरू करने की मांग की गई है। आयुष विभाग में दवाओं की उपलब्धता और इसके नियमित संचालन पर भी जोर दिया गया। रोजगार के क्षेत्र में बरगढ़ की बंद पड़ी ग्लास फैक्ट्री की भूमि पर नई औद्योगिक इकाई स्थापित करने और प्रस्तावित डिफेंस कॉरिडोर पर तेजी से कार्य शुरू करने की मांग रखी गई। पर्यटन विकास के तहत रामघाट और परिक्रमा मार्ग पर साफ-सफाई व अतिक्रमण मुक्त व्यवस्था, सिटी बस संचालन और टैक्सी यूनियनों पर नियंत्रण की आवश्यकता भी बताई गई। परिवहन सुविधाओं को बेहतर बनाने के लिए चित्रकूट डिपो की बसों के संचालन के साथ लखनऊ, दिल्ली, जबलपुर, वाराणसी और भोपाल के लिए नई बस व ट्रेन सेवाएं शुरू करने की मांग की गई है। पेयजल और जल संरक्षण के अंतर्गत मंदाकिनी नदी को अतिक्रमण व प्रदूषण से मुक्त कराने, पुराने जलस्रोतों के संरक्षण और नई पेयजल योजनाओं को शीघ्र लागू करने पर भी बल दिया गया। जिला महामंत्री राज किशोर शिवहरे ने बताया कि ये समस्याएं दशकों से लंबित हैं। उन्होंने उम्मीद जताई कि वर्तमान प्रशासन जनहित कार्यों को प्राथमिकता देकर चित्रकूट के विकास को नई दिशा देगा।

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