जौनपुर के कलेक्ट्रेट परिसर में बुधवार को सेल्स प्रमोशन कर्मचारियों ने अपनी पंद्रह सूत्रीय मांगों को लेकर मुख्यमंत्री को संबोधित एक ज्ञापन जिलाधिकारी डॉ. दिनेश चंद्र को सौंपा। कर्मचारियों ने नियोक्ताओं पर अनुचित श्रम प्रथाओं का आरोप लगाते हुए सरकार से कार्रवाई की अपील की है। कर्मचारियों का आरोप है कि नियोक्ता विभिन्न अनुचित श्रम प्रथाओं का पालन कर रहे हैं, जिसके कारण उन्हें अवैध स्थानांतरण, काम रोकने और नौकरी से बर्खास्तगी जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। वे फर्जी मुद्दे बनाकर वेतन और यात्रा खर्च का भुगतान करने से भी इनकार कर रहे हैं। इन प्रथाओं से सेल्स प्रमोशन कर्मचारी अधिनियम और अन्य श्रम कानूनों का उल्लंघन हो रहा है। कर्मचारियों ने यह भी बताया कि नियोक्ता नियमित रूप से उन्हें धमकाते और अपमानित करते हैं। इसके अलावा, वे यूनियन नेताओं और श्रमिकों के लोकतांत्रिक तथा कानूनी विरोध के अधिकार को दबाने के लिए उनके खिलाफ झूठी पुलिस शिकायतें भी दर्ज करा रहे हैं। सरकार के समक्ष रखी गई प्रमुख मांगों में चार श्रम संहिताओं को निरस्त करना और बिक्री संवर्धन कर्मचारी (सेवा की शर्तें) अधिनियम, 1976 सहित मौजूदा श्रम कानूनों को जारी रखना शामिल है। कर्मचारियों ने सेल्स प्रमोशन कर्मचारियों की निश्चित अवधि के रोजगार पर नियुक्ति की अनुमति न देने और नियोक्ताओं द्वारा उनकी छंटनी या स्थानांतरण न करने की भी मांग की है। अन्य मांगों में यह सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक कदम उठाना शामिल है कि नियोक्ता सेल्स प्रमोशन कर्मचारियों को नौकरी से न निकालें और सभी कर्मचारियों को समय पर वेतन का पूरा भुगतान सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने बिक्री संवर्धन कर्मचारी (सेवा की शर्तें) अधिनियम, 1976 और बिक्री संवर्धन कर्मचारी (सेवा की शर्तें) नियम, 1976 का पूरी तरह से पालन सुनिश्चित करने और चर्चा के बाद अधिनियम के प्रावधानों के तहत सेल्स प्रमोशन कर्मचारियों के लिए वैधानिक कार्य नियम बनाने की भी अपील की है।

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