सुल्तानपुर के लोक निर्माण विभाग (PWD) के प्रांतीय खंड में वित्तीय अनियमितताओं, गबन और भ्रष्टाचार की गंभीर शिकायत दर्ज की गई है। आरोप है कि वित्तीय वर्ष 2015 से अब तक सरकारी धन का दुरुपयोग किया गया है, जिसमें वर्तमान और स्थानांतरित अधिशासी अभियंताओं, अवर अभियंताओं, सहायक अभियंताओं और वरिष्ठ सहायकों की मिलीभगत बताई जा रही है। शिकायतकर्ता राजेश कुमार ने आरोप लगाया है कि फर्जी बिलों के माध्यम से भुगतान किए गए हैं। इसमें अवर अभियंताओं और वरिष्ठ सहायकों की भूमिका बताई गई है। इसके अतिरिक्त, शासन द्वारा स्वीकृत मार्गों के लिए बिना निविदा आमंत्रित किए फर्जी देयकों पर भुगतान करने और अनुबंधों के सापेक्ष ‘एक्स्ट्रा आइटम’ के जरिए अतिरिक्त भुगतान करने का भी जिक्र है। शिकायत में कई पत्रांकों का हवाला दिया गया है। पत्रांक संख्या 3460/ 07.10.2024 में फर्म की नीलामी और धरोहर धनराशि जब्त न किए जाने में अस्पष्टता का उल्लेख है। इसी तरह, पत्रांक संख्या 16393 31.08.2025 में व्ययभार भारित कर व्ययावर्तन की बात स्वीकार की गई थी, लेकिन इस पर कोई कार्रवाई नहीं हुई। इसके अलावा, पत्रांक संख्या 2245 और 2244 (दिनांक 28.06.2024) में वरिष्ठ सहायकों द्वारा भुगतान किए जाने का उल्लेख है, जिसमें फर्जी देयक प्रस्तुत कर भुगतान लेने का आरोप लगाया गया है। सुल्तानपुर निवासी राजेश कुमार ने 23 मार्च को यह शिकायत दर्ज कराई है। उन्होंने उच्चाधिकारियों से एक उच्चस्तरीय टीम गठित कर खंडीय कार्यालय की जांच सुनिश्चित करने और दोषियों के खिलाफ उचित कार्रवाई करने की मांग की है।

Leave a Reply