सुल्तानपुर में शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए ‘स्कूल चलो अभियान’ का शुभारंभ हो गया है। प्रशासन का लक्ष्य है कि कोई भी बच्चा शिक्षा की मुख्यधारा से वंचित न रहे। इस वर्ष अभियान में पहली बार 3 साल के बच्चों को भी बालवाटिका के माध्यम से स्कूलों से जोड़ने का लक्ष्य रखा गया है। कार्यक्रम का उद्घाटन भाजपा एमएलसी शैलेन्द्र प्रताप सिंह ने किया। बेसिक शिक्षा अधिकारी (BSA) उपेंद्र गुप्ता ने बताया कि यह अभियान 1 अप्रैल से शुरू हो रहा है। इस साल 6 से 14 वर्ष के बच्चों के साथ-साथ बालवाटिका के माध्यम से 3 साल के नन्हें बच्चों को भी स्कूलों से जोड़ने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। अभियान का मुख्य उद्देश्य बच्चों के ‘ड्रॉपआउट’ को रोकना है। इसके लिए स्वास्थ्य विभाग और बाल विकास पुष्टाहार विभाग के साथ समन्वय स्थापित किया गया है, ताकि बच्चों को शिक्षा से जोड़े रखने में कोई बाधा न आए। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी ने स्पष्ट किया कि परिषदीय विद्यालयों का स्वरूप अब बदल रहा है। ‘कायाकल्प योजना’ के तहत स्कूलों को स्मार्ट बनाया गया है। सरकारी स्कूलों में अब स्मार्ट क्लास, आईसीटी लैब और पीएम श्री जैसी आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध हैं, जो अभिभावकों को निजी स्कूलों की बजाय सरकारी स्कूलों की ओर आकर्षित कर रही हैं। बीएसए उपेंद्र गुप्ता ने यह भी बताया कि दिव्यांग बच्चों और कस्तूरबा गांधी विद्यालय की छात्राओं सहित हर वर्ग के बच्चों को शिक्षा से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है। ‘मुख्यमंत्री मॉडल कंपोजिट स्कूल’ और ‘अभ्युदय’ जैसे नए प्रोजेक्ट्स भी तैयार हो रहे हैं, जिससे इस बार बच्चों का नामांकन बढ़ाने में मदद मिलेगी।

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