सुल्तानपुर के सिविल लाइन स्थित संकट मोचन धाम में शुक्रवार को चैत्र नवरात्रि के अवसर पर विशाल भंडारे का आयोजन किया गया। इस दौरान मंदिर को भव्य फूलों से सजाया गया था। शहर और आसपास के हजारों श्रद्धालुओं ने पहुंचकर प्रसाद ग्रहण किया। आयोजक भगवान प्रसाद श्रीवास्तव उर्फ बाबा ‘भगवानदास’ ने बताया कि यह भंडारे का 51वां वर्ष है। उन्होंने बताया कि वर्ष 1975 में स्वर्गीय गोपाल कृष्ण श्रीवास्तव उर्फ ‘बाबा गोपालदास’ ने इस मंदिर का निर्माण करवाया था, और तब से यह परंपरा लगातार जारी है। भंडारे से एक दिन पहले मंदिर परिसर में श्रीरामचरितमानस पाठ का आयोजन किया गया, जिससे पूरा वातावरण भक्तिमय हो गया। शुक्रवार दोपहर 12 बजे प्रभु श्रीराम की विधि-विधान से आरती की गई और प्रकट उत्सव आतिशबाजी के साथ धूमधाम से मनाया गया। इसके बाद, शाम 6:30 बजे मंदिर संस्थापक बाबा गोपालदास के पोते पत्रकार रितेश श्रीवास्तव ने संकट मोचक हनुमान जी महाराज को भोग लगाकर भंडारे का शुभारंभ किया। यह भंडारा देर रात तक चला, जिसमें हजारों श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण किया। इस धार्मिक अनुष्ठान में डॉ. मयंक श्रीवास्तव, चंद्रकेश श्रीवास्तव, शशांक श्रीवास्तव, अधिवक्ता हिमांशु श्रीवास्तव, रूपांशु श्रीवास्तव, अमन, अंश और रौनक सहित बड़ी संख्या में क्षेत्रीय गणमान्य नागरिक और श्रद्धालु उपस्थित रहे। देर शाम तक चली भंडारे में भक्तों की लंबी कतारें लगी रहीं। कार्यक्रम के दौरान पुलिस प्रशासन भी मुस्तैद रहा। सीताकुंड चौकी इंचार्ज वीरेंद्र शर्मा अपनी पुलिस टीम के साथ मंदिर स्थल पर मौजूद थे।

Leave a Reply