सुल्तानपुर में छात्र संगठन स्टूडेंट्स फेडरेशन ऑफ इंडिया (SFI) ने दशमोत्तर छात्रवृत्ति आवंटन में हो रही देरी पर चिंता व्यक्त की है। संगठन ने सोमवार को विकास भवन में प्रदर्शन किया और अनुसूचित जाति समाज कल्याण एवं जनजाति कल्याण राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) असीम अरुण को एक ज्ञापन समाज कल्याण अधिकारी के माध्यम से भेजा। ज्ञापन में योग्य छात्रों को छात्रवृत्ति न मिलने की समस्या पर प्रकाश डाला गया है। SFI ने अपने ज्ञापन में बताया कि सत्र 2025-26 के लिए जिले के अधिकांश पात्र छात्रों को अभी तक छात्रवृत्ति आवंटित नहीं हुई है। छात्रवृत्ति आवंटन की अंतिम तिथि 31 मार्च निर्धारित है, लेकिन अंतिम दिनों तक भी छात्रों के बैंक खातों में राशि न पहुंचने से उनमें अनिश्चितता बनी हुई है। संगठन के अनुसार, छात्रवृत्ति न मिलने से छात्रों में संशय पैदा हो रहा है और उनके मानसिक स्वास्थ्य पर भी नकारात्मक प्रभाव पड़ रहा है। प्रदेश के उच्च शैक्षणिक संस्थानों में पढ़ने वाले लाखों छात्र अपनी अगली शैक्षणिक सत्र की फीस के लिए छात्रवृत्ति पर निर्भर रहते हैं। छात्रवृत्ति पूरी न मिलने की स्थिति में उन्हें पढ़ाई छोड़ने तक की नौबत आ जाती है। स्टूडेंट्स फेडरेशन ऑफ इंडिया ने प्रदेश भर के कई जिलों में सर्वेक्षण किया है। इसमें पाया गया कि लगभग 50 प्रतिशत या उससे अधिक योग्य छात्रों को 30 मार्च 2026 तक छात्रवृत्ति नहीं मिली है, या उन्हें बहुत कम राशि प्राप्त हुई है। पिछले सत्र में भी कई छात्रों को उनकी फीस से काफी कम छात्रवृत्ति मिली थी, जिसका खामियाजा उन्हें आज भी भुगतना पड़ रहा है। SFI ने यह भी बताया कि छात्रवृत्ति के ऑनलाइन पोर्टल पर छात्रों के आवेदन पत्रों का स्टेटस भी अपडेट नहीं हो रहा है। इससे छात्रों को अपनी छात्रवृत्ति की स्थिति के बारे में कोई सुनिश्चित जानकारी नहीं मिल पा रही है, जिससे उनका संशय और बढ़ रहा है। इन सभी समस्याओं के संदर्भ में SFI ने मंत्री से तत्काल हस्तक्षेप की मांग करते हुए पांच सूत्रीय मांगें रखी हैं।

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