सुल्तानपुर में गोमांस तस्करी से जुड़े एक मामले में तीन पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया गया है। पुलिस अधीक्षक चारू निगम ने इंस्पेक्टर राम आशीष उपाध्याय, उप निरीक्षक अनिल यादव और हेड कांस्टेबल राघवेंद्र सिंह के खिलाफ यह कार्रवाई की है। आरोप है कि पुलिस रिकॉर्ड से बरामद गोमांस को गायब कर दिया गया था, जिससे आरोपियों को लाभ मिला। मामला रविवार रात गोसाईंगंज के राजापुर बाजार का है। हिंदू संगठन के सदस्यों को गोवध की सूचना मिली थी, जिसके बाद वे मौके पर पहुंचे। उन्होंने तालाब के पास से लगभग एक कुंतल गोमांस, उपकरण, एक कार और एक पिकअप वाहन बरामद किया। हिंदू संगठन ने तत्काल पुलिस को सूचना दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने दो आरोपियों को पकड़ा और उन्हें थाने ले गई। यशदीप ठठेर की तहरीर पर गोवध अधिनियम के तहत आठ लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया। दर्ज किए गए आरोपियों में मो. नफीस उर्फ छोटे, मो. तौसिफ (राजापुर), नियाज अहमद, मो. अशरफ, अब्दुल मन्नान, मो. तौसिफ (कस्बा गोसाईंगंज), मो. अकरम और नसीब अहमद शामिल हैं। पुलिस ने आरोपियों के पास से दो चापड़, एक चाकू, एक सूजा, दो बांट, 12 रस्सी, एक प्लास्टिक ड्रम, एक इलेक्ट्रॉनिक तराजू, एक छोटा तराजू, दो मोटरसाइकिल, दो पिकअप और एक सेंट्रो कार बरामद दिखाई थी। आरोप है कि घटनास्थल से सामने आए वीडियो में एक कुंतल गोमांस बरामद देखा गया था, लेकिन पुलिस ने अपनी लिखा-पढ़ी में इसे दर्ज नहीं किया। इस चूक के कारण जब आरोपियों को कोर्ट में पेश किया गया, तो कोर्ट ने उनकी रिमांड खारिज कर दी और सभी आठों आरोपियों को छोड़ दिया गया। इसके बाद हिंदू संगठन ने पूरे मामले से पुलिस अधीक्षक को अवगत कराया। एसपी ने मामले की जांच कराई और आरोप सही पाए जाने पर तीनों पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया। यह पहली बार नहीं है जब इंस्पेक्टर राम आशीष उपाध्याय को निलंबित किया गया है। इससे पहले भी कोतवाली नगर में तैनाती के दौरान तत्कालीन एसपी ने उन्हें निलंबित किया था।

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