सुलतानपुर में कनिष्ठ सहायक ग्रेड-3 अभिषेक गिरि के खिलाफ समाज कल्याण अधिकारी ने कठोर विभागीय कार्रवाई की सिफारिश की है। उन पर आरोप है कि उन्होंने 10 मार्च को शाम लगभग 5 बजे अपने व्हाट्सएप स्टेटस पर एक विशेष समुदाय के खिलाफ अमर्यादित और अशोभनीय टिप्पणी की। इस टिप्पणी से समुदाय में गहरा आक्रोश फैल गया और सार्वजनिक माहौल के साथ-साथ शासन-प्रशासन की छवि भी प्रभावित हुई। अभिषेक गिरि पर पहले भी अनुशासनहीनता के आरोप लगते रहे हैं। वह अक्सर कार्यालय से अनुपस्थित रहते हैं और देर से आते हैं। इस संबंध में उन्हें 21 जुलाई (पत्रांक सी-121) और 27 जनवरी (पत्रांक सी-927) को स्पष्टीकरण भी मांगा गया था, लेकिन तब मानवीय आधार पर कोई कार्रवाई नहीं की गई। सिफारिश की गई कठोर कार्रवाई इसके अतिरिक्त, 6 मार्च को कार्यालय के अन्य कर्मचारियों ने उनके खिलाफ अभद्रता की संयुक्त शिकायत दर्ज कराई थी। इन सभी तथ्यों के आधार पर जिला समाज कल्याण अधिकारी अमित सिंह ने शासन को पत्र लिखा है। पत्र में अभिषेक गिरि को किसी दूरस्थ जनपद में स्थानांतरित करने और उनके विरुद्ध कठोर विभागीय कार्रवाई करने की मांग की गई है। जनता और नेताओं ने किया प्रदर्शन मामले में मुलायम सिंह यूथ ब्रिगेड के जिलाध्यक्ष मोहम्मद शहजाद और एडवोकेट अशोक सिंह विसेन सहित अन्य लोग कलेक्ट्रेट पर प्रदर्शन कर आरोपी कर्मचारी के खिलाफ केस दर्ज करने की मांग कर चुके हैं। इसके बाद कोतवाली नगर में मुकदमा दर्ज किया गया। उल्लेखनीय है कि बीते वर्ष मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना में भ्रष्टाचार को लेकर भी अभिषेक गिरि के खिलाफ एक मामला दर्ज हुआ था।

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