सुप्रीम कोर्ट ने मेरठ के पूर्व कमिश्नर को लगाई फटकार:मेरठ की सेंट्रल मार्केट में ध्वस्तीकरण की प्रक्रिया को रोकने के आदेश का मांगा स्पष्टीकरण
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सुप्रीम कोर्ट ने मेरठ के पूर्व कमिश्नर को लगाई फटकार:मेरठ की सेंट्रल मार्केट में ध्वस्तीकरण की प्रक्रिया को रोकने के आदेश का मांगा स्पष्टीकरण
मेरठ में सेंट्रल मार्केट के ध्वस्तीकरण प्रकरण की सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई के दौरान मेरठ के पूर्व कमिश्नर ऋषिकेश भास्कर यशोद और आवास विकास के चेरामैन गुरु प्रसाद को सुप्रीम कोर्ट ने जमकर फटकार लगाई। न्यायालय में पूर्व कमिश्नर से साफ तौर पर पूछा गया कि जब सुप्रीम कोर्ट का ध्वस्तीकरण का आदेश था तो आपने किस आधार पर अपनी और से ध्वस्तीकरण को रोकने का आदेश जारी कर दिया। इसके साथ-साथ अन्य बिंदुओं पर भी न्यायालय ने नाराजगी जताई और प्रबंधन से जवाब मांगा। आवासीय प्लॉट में चल रहे स्कूल, हॉस्पिटल और बैंक इत्यादि की जानकारी होने पर सुप्रीम कोर्ट ने नाराजगी जताते हुए अगले 24 घंटे के अंदर ऐसे सभी संस्थाओं को शिफ्ट कर सीलिंग की कार्रवाई के आदेश दिए हैं। इसके साथ ही सुप्रीम कोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया है कि यदि इन प्रतिष्ठानों में कोई अप्रिय घटना घटती है तो उसका पूर्णतया जिम्मेदार जिला प्रशासन होगा। सुप्रीम कोर्ट ने पूछा आधार बताओ
सुप्रीम कोर्ट ने पूर्व कमिश्नर ऋषिकेश भास्कर यशोद से कहा कि जो आदेश तुम्हारे द्वारा जारी किया गया उसका आप आधार बताइए। किस आधार पर अपने ध्वस्तीकरण को रोकने का आदेश दिया इसके बाद जब उनकी और से पैरवी कर रहे वकील ने बताया कि यह है मीटिंग की मिनट है और तमाम जनप्रतिनिधियों की इसमें सहमति थी तब भी उन्होंने कोई बात नहीं सुनी और तो इस पर उन्होंने सख्ती दिखाते हुए कहा कि यह कोई मिनट नहीं बल्कि आदेश है। इसके बाद उन्होंने अपनी गलती को स्वीकार करते हुए स्पष्टीकरण देने का भी आदेश भी कमिश्नर को दिया। हर सुनवाई में मौजूद होंगे आवास विकास के अध्यक्ष
सुप्रीम कोर्ट ने आवास विकास के प्रमुख सचिव को दिशा निर्देश दिए हैं कि जब भी इस प्रकरण की सुनवाई होगी वह इसमें मौजूद होंगे हालांकि बाद में उन्होंने यह कहा कि ऑनलाइन माध्यम से भी आप इसमें जुड़ सकते हैं लेकिन उपस्थित रहना अनिवार्य होगा। प्रसिद्ध स्कूल और हॉस्पिटल का हो रहासंचालन
इन आवासीय प्लॉट में शहर के प्रसिद्ध स्कूल जैसे एमपीएस, मीनाक्षी पब्लिक स्कूल एमआईईटी ग्रुप का स्कूल भी संचालित हो रहा है। दन सभी को सुप्रीम कोर्ट ने अब यहां बंद करने के आदेश दिए इसके साथ-साथ कुछ शहर के प्रसिद्ध हॉस्पिटल और डॉक्टर के क्लीनिक भी यहां संचालित किया जा रहे हैं जो अब बंद किए जाएंगे। क्या आपने जगह का निरीक्षण किया
न्यायालय ने आवास विकास के प्रमुख सचिव से पूछा कि जिन आवासीय प्लॉट पर यह स्कूल हॉस्पिटल या बैंक संचालित हो रहे हैं क्या आपने कभी वहां जाकर देखा है। उन्होंने बीती कुछ घटनाओं का जिक्र करते हुए कहा कि यदि इसी प्रकार की अनहोनी वहां भी हो जाती तो इसका जिम्मेदार कौन होता। इसके बाद सुप्रीम कोर्ट ने आदेश किया के जल्द से जल्द की सभी प्रतिष्ठान बंद किए जाएं।
Source: Dainik Bhaskar via DNI News
