मुख्य विकास अधिकारी (सीडीओ) सान्या छाबड़ा ने टोंडरपुर विकास खंड कार्यालय का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान उन्हें कई व्यवस्थाओं में कमियां मिलीं, जिस पर उन्होंने नाराजगी व्यक्त करते हुए तत्काल सुधार के निर्देश दिए। सीडीओ छाबड़ा ने खंड विकास अधिकारी कक्ष, स्थापना पटल, शिकायत पटल और आवास पटल का गहन परीक्षण किया। खंड विकास अधिकारी कक्ष के बाहर एक पुराना नोटिस बोर्ड मिला, जिसे तुरंत बदलने का निर्देश दिया गया। इसके अतिरिक्त, क्षेत्र की गौशालाओं में लगे सीसीटीवी कैमरे ब्लॉक मुख्यालय के कंट्रोल रूम से लिंक नहीं पाए गए, जिसके लिए तत्काल लिंकिंग सुनिश्चित करने को कहा गया।
ई-ऑफिस संचालन की समीक्षा के दौरान लेखाकार की मैपिंग न होने पर उसे तुरंत करवाने के निर्देश दिए गए। स्थापना पटल के निरीक्षण में ग्राम विकास अधिकारी अमित पांडे का सेवा सत्यापन लंबित पाया गया, जिस पर पटल सहायक राहुल राठौर को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया। शिकायत पटल के निरीक्षण में आमजन की शिकायतों के निस्तारण की समीक्षा की गई। खंड विकास अधिकारी को प्रतिदिन सुबह 10 से 12 बजे तक प्राप्त शिकायतों की प्रभावी निगरानी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। कार्य विभाजन के अनुरूप शिकायत पटल का चार्ज हस्तांतरण न होने पर संबंधित पटल सहायक को कड़ी चेतावनी देते हुए तुरंत चार्ज ग्रहण करने को कहा गया।
मनरेगा के निर्धारित लक्ष्य के सापेक्ष 95 प्रतिशत प्रगति पर भी सीडीओ ने नाराजगी व्यक्त की। बीडीओ को 31 मार्च तक शत-प्रतिशत लक्ष्य पूरा करने के निर्देश दिए गए। श्रमिकों को 100 दिवस रोजगार के तय लक्ष्य के सापेक्ष 62 प्रतिशत उपलब्धि पर एपीओ को निर्धारित समय सीमा तक पूर्ण लक्ष्य हासिल करने का निर्देश दिया गया। सभी पात्र राशन कार्ड धारकों को स्वयं सहायता समूहों से जोड़ने के निर्देश भी दिए गए। निरीक्षण के दौरान ब्लॉक प्रमुख प्रतिनिधि श्यामू त्रिवेदी, बीडीओ अरविंद कुमार और अन्य कर्मचारी उपस्थित रहे।

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