बुलंदशहर में डीएम श्रुति ने कलेक्ट्रेट सभागार में सीएम डैशबोर्ड (दर्पण) और 50 लाख रुपये से अधिक लागत वाली निर्माणाधीन परियोजनाओं की समीक्षा की। इस दौरान सामने आया कि फरवरी 2026 की प्रगति के आधार पर जनपद के 10 कार्यक्रमों में अपेक्षित प्रदर्शन न होने के कारण विकास विभाग की रैंकिंग में बुलंदशहर को प्रदेश में 55वां स्थान प्राप्त हुआ है। जिलाधिकारी ने संबंधित विभागीय अधिकारियों को मार्च 2026 तक प्रगति में सुधार कर जनपद की रैंकिंग बेहतर करने के निर्देश दिए। उन्होंने 1 मार्च से 20 मार्च तक शून्य प्रगति वाले नगर निकायों और विकास खंडों के अधिकारियों के प्रति नाराजगी व्यक्त की। डीएम ने चेतावनी दी कि अगली बैठक तक प्रगति सुनिश्चित न होने पर जिम्मेदारी तय कर कार्रवाई की जाएगी। बैठक में विभिन्न योजनाओं की प्रगति पर भी चर्चा हुई। जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी ने बताया कि दशमोत्तर छात्रवृत्ति/शुल्क प्रतिपूर्ति योजना में मार्च माह में ‘ए’ श्रेणी प्राप्त होने की संभावना है। इसी तरह, जिला समाज कल्याण अधिकारी ने मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना में भी ‘ए’ श्रेणी हासिल होने की जानकारी दी। जिला अर्थ एवं संख्याधिकारी ने बताया कि फैमिली आईडी योजना में जनपद का लक्ष्य 23 हजार बढ़ा दिया गया है। निर्माण कार्यों की समीक्षा के दौरान बताया गया कि 50 लाख रुपये से अधिक लागत की कुल 67 परियोजनाएं जनपद में चल रही हैं। इनमें से 33 परियोजनाएं पूर्ण हो चुकी हैं, जबकि 21 समयसीमा के भीतर प्रगति पर हैं। हालांकि, 12 परियोजनाएं विलंबित हैं और एक परियोजना अभी तक शुरू नहीं हुई है। जिलाधिकारी ने पूर्ण परियोजनाओं का विवरण तालिका प्रारूप में उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। उन्होंने विलंबित परियोजनाओं को शीघ्र पूरा करने और धन की कमी होने पर आवश्यक कार्रवाई करने को भी कहा। इस समीक्षा बैठक में मुख्य विकास अधिकारी निशा ग्रेवाल, डीडीओ सुभाष नेमा, डीएसटीओ जोगेंद्र सिंह यादव सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।

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