सिलेंडर की किल्लत, कानपुर में लंबी लाइन:खाली हाथ लौट रहे उपभोक्ता, एक महीने से नहीं मिल रहे सिलेंडर, ब्लैक मार्केटिंग के आरोप
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सिलेंडर की किल्लत, कानपुर में लंबी लाइन:खाली हाथ लौट रहे उपभोक्ता, एक महीने से नहीं मिल रहे सिलेंडर, ब्लैक मार्केटिंग के आरोप
कानपुर शहर में रसोई गैस की किल्लत ने आम लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। गैस एजेंसियों के बाहर सुबह से लंबी कतारें लग रही हैं, लेकिन घंटों धूप में खड़े रहने के बाद भी लोगों को सिलेंडर नहीं मिल पा रहा। कई उपभोक्ताओं का कहना है कि मार्च के शुरुआती दिनों में बुकिंग कराने के बावजूद अब तक डिलीवरी नहीं हुई है। मकबरा निवासी शोएब अहमद ने बताया कि एक महीने पहले गैस बुक कराई थी, लेकिन अभी तक सिलेंडर नहीं मिला। उन्होंने कहा कि पक्के मकान में चूल्हा जलाना संभव नहीं है, ऐसे में रोज होटल से खाना मंगवाना पड़ रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि मोबाइल पर डिलीवरी का मैसेज आ जाता है, लेकिन सिलेंडर घर नहीं पहुंचता, जबकि एजेंसी के अंदर से महंगे दामों पर गैस बेची जा रही है। महिलाओं की बढ़ी परेशानी ग्वालटोली की लक्ष्मी देवी का कहना है कि वे एक हफ्ते से लगातार एजेंसी के चक्कर लगा रही हैं। न तो पर्ची काटी जा रही है और न ही कर्मचारी साइन कर रहे हैं। पड़ोसियों से उधार सिलेंडर लेकर काम चलाया, लेकिन अब वह भी खत्म हो गया है। वहीं रिया नाम की महिला छोटे बच्चों को घर छोड़कर धूप में लाइन में लगने को मजबूर हैं। ‘सर्वर डाउन’ का बहाना कर्नलगंज निवासी अमित सोनकर ने बताया कि 3 मार्च को गैस बुक की थी, लेकिन 20 दिन बाद भी डिलीवरी नहीं हुई। हर बार काउंटर पर पहुंचने पर कर्मचारी ‘सर्वर डाउन’ का बहाना बनाकर वापस कर देते हैं। अब घर में कोयले की अंगीठी पर खाना बनाना पड़ रहा है। बढ़ता आक्रोश, प्रशासन पर सवाल शहर की गैस एजेंसियों के बाहर उमड़ रही भीड़ और लोगों की नाराजगी प्रशासन के उन दावों पर सवाल खड़े कर रही है, जिनमें निर्बाध सप्लाई की बात कही जाती है। अगर जल्द ही व्यवस्था दुरुस्त नहीं हुई और कालाबाजारी पर रोक नहीं लगी, तो लोगों का आक्रोश और बढ़ सकता है।
Source: Dainik Bhaskar via DNI News
