नवरात्रि के पावन अवसर पर महिला थाना में आयोजित परिवार परामर्श केंद्र ने एक महत्वपूर्ण पहल की। इस दौरान 14 ऐसे बिछड़े जोड़ों को फिर से एक किया गया, जो आपसी विवादों के कारण अलग रह रहे थे और तलाक की कगार पर पहुंच चुके थे। इन जोड़ों के बीच लंबे समय से पारिवारिक विवाद चल रहे थे। परामर्श केंद्र ने समझदारी, संवाद और गहन काउंसलिंग के माध्यम से इन मतभेदों को सुलझाने का प्रयास किया। पति-पत्नी के बीच की गलतफहमियों को दूर कर उनमें आपसी सहमति स्थापित की गई।
इस पहल से न केवल 14 परिवार बिखरने से बच गए, बल्कि उनके रिश्तों में नई शुरुआत हुई। कई जोड़ों ने अपने मतभेद भुलाकर एक साथ जीवन बिताने का संकल्प लिया। जिन जोड़ों को फिर से मिलाया गया उनमें बेनू–अरविन्द, यशोदा–प्रमोद, प्रमिला–राममोहन, नन्दनी–अभिषेक, आसमा–मकसूद, विनीता–अजय, नीलम–संदीप, खलीकुन्निशा–सलाहुद्दीन, लक्ष्मी–बृजेश, गीता–विजय, रुबी–मनोज, नन्दिनी–दीपू, उर्मिला–दुर्गेश और किरन–संगेश शामिल हैं। परामर्श केंद्र की टीम ने प्रत्येक मामले को गंभीरता से सुना। उन्होंने धैर्यपूर्वक दोनों पक्षों को समझाया और रिश्तों में आई दरार को भरने के लिए संवाद का रास्ता अपनाया। इस प्रक्रिया का सकारात्मक परिणाम सामने आया। सभी जोड़ों ने लिखित सहमति के बाद एक-दूसरे के साथ जीवन बिताने का संकल्प लिया। इसके बाद वे खुशी-खुशी अपने घरों के लिए रवाना हुए। नवरात्रि जैसे शुभ पर्व पर हुई यह पहल समाज के लिए एक प्रेरणादायक संदेश है। यह दर्शाता है कि बातचीत और समझदारी से बड़े से बड़े पारिवारिक विवादों को भी सुलझाया जा सकता है, जिससे रिश्तों की अहमियत और आपसी विश्वास मजबूत होता है।

Leave a Reply