शाहजहांपुर में सिंचाई विभाग के पंजीकृत ठेकेदारों ने अधिकारियों पर भुगतान में लापरवाही का आरोप लगाया है। ठेकेदारों का कहना है कि विभाग द्वारा बाहरी ठेकेदारों को भुगतान कर दिया जाता है, जिससे स्थानीय ठेकेदारों की देनदारी बढ़ती जा रही है। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि जल्द समाधान नहीं हुआ तो यूनियन भ्रष्ट अधिकारियों के खिलाफ आंदोलन करेगी। कांट्रेक्टर वेलफेयर सोसाइटी के जिलाध्यक्ष अभिषेक मोहन मिश्रा के नेतृत्व में दर्जनों ठेकेदार कलेक्ट्रेट परिसर पहुंचे। उन्होंने बताया कि सिंचाई विभाग के पंजीकृत ठेकेदारों द्वारा किए गए वार्षिक अनुरक्षण, विशेष अनुरक्षण (मरम्मत) और आपातकालीन बाढ़ कार्यों का भुगतान कई वर्षों से लंबित है। ठेकेदारों ने आरोप लगाया कि अधिशासी अभियंता शारदा नहर खंड और अधिशासी अभियंता राष्ट्रीय जल प्रबंधन योजना शारदा नहर खंड, शाहजहांपुर, मनमाने ढंग से बाहरी ठेकेदारों के अनुबंधों का भुगतान कर रहे हैं। इससे स्थानीय ठेकेदारों के करोड़ों रुपये विभाग पर बकाया होते जा रहे हैं। इस स्थिति के कारण स्थानीय ठेकेदारों को गंभीर आर्थिक संकट का सामना करना पड़ रहा है। उनका कहना है कि चाहे सहायक अभियंता स्तर के अनुबंध हों या अधिशासी अभियंता, अधीक्षण अभियंता के अनुबंध, सभी स्तरों पर अवर अभियंताओं द्वारा स्वयं कार्य कराया जा रहा है। इस संबंध में अधिशासी अभियंता को मौखिक और लिखित रूप से अवगत कराया जा चुका है, लेकिन उनके द्वारा कोई कार्रवाई नहीं की गई। ठेकेदारों की मांग है कि उनके लंबित भुगतानों और सहायक अभियंताओं व अवर अभियंताओं द्वारा करवाए जा रहे कार्यों का संज्ञान लिया जाए। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को इस मामले में दिशा-निर्देश जारी करने की अपील की है। ठेकेदारों ने स्पष्ट किया है कि यदि उनकी मांगों पर ध्यान नहीं दिया गया, तो ठेकेदार यूनियन इन अधिकारियों के खिलाफ आंदोलन करने को बाध्य होगी।

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