मुख्यमंत्री सामाजिक विवाह योजना के तहत अब प्रति जोड़े को मिलने वाली सहायता राशि 51 हजार रुपये से बढ़ाकर एक लाख रुपये कर दी गई है। वित्तीय वर्ष 2025 के लिए 1881 जोड़ों के विवाह का लक्ष्य निर्धारित किया गया है, जिनमें से 1854 जोड़े पहले ही परिणय सूत्र में बंध चुके हैं। सहायता राशि में वृद्धि के साथ ही योजना का बजट भी दोगुना हो गया है। वित्तीय वर्ष 2025 के लिए कुल 18 करोड़ 81 लाख रुपये का बजट निर्धारित किया गया है। इस राशि में वधू के खाते में 60 हजार रुपये, विवाह सामग्री के लिए 25 हजार रुपये और समारोह के आयोजन पर व्यय के लिए 15 हजार रुपये शामिल हैं। हाल ही में जौनपुर महोत्सव के दौरान शाही किले में एक सामूहिक विवाह समारोह आयोजित किया गया था। इसमें 650 पंजीकृत जोड़ों में से 623 ने विवाह किया, जबकि 27 जोड़े समारोह में शामिल नहीं हो सके। पारदर्शिता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से इस बार बायोमेट्रिक पहचान की व्यवस्था की गई थी।
वित्तीय वर्ष 2024-25 में सामूहिक विवाह योजना के तहत 1800 कन्याओं के विवाह का लक्ष्य रखा गया था, जिसके लिए नौ करोड़ 18 लाख रुपये का बजट आवंटित किया गया था। सामूहिक विवाह के आयोजनों में स्वयंसेवी संस्थाएं भी सक्रिय रूप से हिस्सा ले रही हैं। गत 15 मार्च को शीतला चौकिया धाम परिसर में सो चौकिया जन कल्याण सेवा ट्रस्ट ने 18 जोड़ों का विवाह संपन्न कराया। इसी प्रकार, 22 मार्च को खुटहन स्थित खुटहन ग्रास विकास इंटर कॉलेज मैदान में भारतीय वैश्य चेतना महासभा की ओर से 22 जोड़ों का विवाह हुआ। जिला समाज कल्याण अधिकारी नीरज पटेल ने बताया कि इस वित्तीय वर्ष में कुल 1854 जोड़ों का सामूहिक विवाह हुआ है, जिसमें शाही किले में हुए 623 विवाह भी शामिल हैं। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि सहायता राशि 51 हजार रुपये से बढ़ाकर एक लाख रुपये करने के कारण इस बार बजट में वृद्धि हुई है। उल्लेखनीय है कि इससे पहले जौनपुर महोत्सव के अंतिम दिन शाही किले में आयोजित एक सामूहिक विवाह समारोह में अनियमितताएं सामने आई थीं। इसमें 1001 जोड़ों के लक्ष्य के मुकाबले कुल 1038 जोड़े शामिल हुए थे। जांच के दौरान मड़ियाहूं ब्लॉक के भाई-बहन सहित छह जोड़े अपात्र पाए गए थे, जिनके खातों में भेजी जाने वाली 35-35 हजार रुपये की धनराशि रोक दी गई थी।

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