विकास भवन सभागार में सांसद अरुण चंद्रप्रकाश गोविल की अध्यक्षता में जिला विकास समन्वय एवं निगरानी समिति (दिशा) की बैठक आयोजित की गई। बैठक में सांसद ने अधिकारियों को जनप्रतिनिधियों के पत्रों का जवाब न देने और शहर की बिगड़ती स्थिति पर कड़ी फटकार लगाई। उन्होंने कहा कि शहर को कम से कम जीने लायक तो बना दो। सांसद गोविल ने निर्देश दिए कि जनपद में कराए जा रहे सभी निर्माण कार्यों के शिलापट्ट पर संबंधित जनप्रतिनिधि का नाम अवश्य अंकित किया जाए। साथ ही, विकास कार्यों के संबंध में जनप्रतिनिधियों के क्षेत्र में की जाने वाली किसी भी कार्यवाही की सूचना उन्हें अनिवार्य रूप से दी जाए।
बैठक में उपस्थित जनप्रतिनिधियों द्वारा कृषि, स्वास्थ्य, शिक्षा, समाज कल्याण, डूडा, दिव्यांगजन सशक्तीकरण, लोक निर्माण, विद्युत, नगर निगम, मेडा, जल निगम सहित विभिन्न विभागों की योजनाओं पर जानकारी मांगी गई। इस पर सांसद ने कहा कि प्रत्येक विभाग द्वारा चलाई जा रही जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ पात्र लाभार्थियों तक पहुंचना सुनिश्चित किया जाए। विद्युत विभाग की समीक्षा करते हुए सांसद ने जनपद में विद्युत आपूर्ति, खराब ट्रांसफार्मर, जर्जर विद्युत पोल और तारों की व्यवस्था को दुरुस्त करने के निर्देश दिए। नगर निगम के कार्यों की समीक्षा में शहर में साफ-सफाई को प्राथमिकता देने और सामुदायिक शौचालयों की सूची बनाने के निर्देश दिए गए। लोक निर्माण विभाग और अन्य संबंधित विभागों को सड़कों की मरम्मत और पैच वर्क कराने के निर्देश भी दिए गए। बैठक में प्रधानमंत्री आदर्श ग्राम योजना, पीएम अजय, दिव्यांगजन पेंशन योजना, सुगम्य भारत अभियान, बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ, महिला संरक्षण एवं सुरक्षा योजना वन स्टॉप सेंटर, प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना, प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना, किसान कॉल सेंटर, प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना, प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना, राष्ट्रीय पशुधन मिशन, राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन, आयुष्मान भारत-प्रधानमंत्री जन कल्याण योजना, प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना, स्मार्ट सिटी मिशन, प्रधानमंत्री आवास योजना, सर्व शिक्षा अभियान, मिड डे मील योजना, प्रधानमंत्री खनिज क्षेत्र कल्याण योजना, जल जीवन मिशन, नमामि गंगे, ई-श्रम पोर्टल, स्वच्छ भारत मिशन ग्रामीण, प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना सहित केंद्र व राज्य सरकार की विभिन्न महत्वपूर्ण योजनाओं की भी समीक्षा की गई। जिलाधिकारी डॉ. वी.के. सिंह ने सभी विभागीय अधिकारियों को निर्देशित किया कि दिशा की बैठक में जनप्रतिनिधियों द्वारा उठाई गई समस्याओं और दिए गए सुझावों का अक्षरशः पालन करते हुए तत्काल कार्यवाही सुनिश्चित की जाए।

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