अलीगढ़ में रामनवमी के मौके पर मां काली की शोभायात्रा के मार्ग को लेकर पिछले दो दिनों से चला आ रहा गतिरोध गुरुवार देर रात खत्म हुआ। कनवरीगंज में घंटों चले हंगामे, नारेबाजी और बैठकों के लंबे दौर के बाद सांसद सतीश गौतम ने व्यक्तिगत गारंटी ली। इसके बाद शासन के निर्देश पर नए मार्ग से यात्रा निकालने की सशर्त अनुमति दे दी है। इस फैसले के बाद अब शोभायात्रा अपने पुराने पारंपरिक मार्ग यानी अब्दुल करीम चौराहे से होकर निकल सकेगी, हालांकि प्रशासन ने इसके साथ कुछ शर्तें भी लागू की हैं। सांसद पहुंचे दुर्गा महारानी मंदिर सांसद सतीश गौतम गुरुवार रात करीब 12:25 बजे अचानक दुर्गा महारानी मंदिर पहुंचे। वहां पहले से ही मेयर प्रशांत सिंघल और भाजपा के पूर्व महानगर अध्यक्ष विवेक सारस्वत आयोजन समिति के पदाधिकारियों के साथ बैठक कर रहे थे। स्थिति तब तनावपूर्ण हो गई जब स्थानीय और मंडल स्तर के अधिकारियों ने नए रास्ते पर शोभायात्रा निकालने की अनुमति देने से साफ इनकार कर दिया। पिछले साल हुआ था हादसा अधिकारियों का तर्क था कि सुरक्षा कारणों से पुराने तय मार्ग से ही यात्रा निकाली जाए। इस पर आयोजन समिति के लोगों का कहना था कि पिछले साल संकरी गली होने के कारण हादसे हुए थे। कोई बड़ा हादसा न हो इसलिए वह मार्ग बदलने पर अड़े थे। सांसद ने ली जिम्मेदारी अधिकारियों की बेबसी देख सांसद सतीश गौतम के तेवर कड़े हो गए। अफसरों ने कहा कि मामला उनके हाथ में नहीं है। वह लखनऊ बात करें, तब सांसद ने मुख्यमंत्री के अपर मुख्य सचिव संजय प्रसाद को फोन लगाया। काफी देर तक चली बातचीत के दौरान सांसद ने कहा कि वहां शांति व्यवस्था की जिम्मेदारी उनकी है और कुछ भी अप्रिय नहीं होगा। केवल एक डोला ही निकलेगा सांसद के सुरक्षा की पूरी गारंटी लेने के बाद ही शासन स्तर से केवल एक डोला और कलश यात्रा को नए मार्ग से निकालने की हरी झंडी मिल सकी। सांसद ने स्पष्ट किया कि प्रशासन पहले कलश यात्रा और एक डोले की अनुमति दे। इसके बाद वह बैठक से चले गए। दंगों के कारण बदला गया था मार्ग विवाद की जड़ें पिछले कुछ वर्षों के घटनाक्रमों से जुड़ी हैं। कई साल पहले शहर में हुए दंगों के बाद इस यात्रा का मार्ग बदलकर कटरा की संकरी गलियों से कर दिया गया था। 2024 में इसी रास्ते से गुजरते समय बिजली के तारों की चपेट में आने से चार लोग झुलस गए थे।
पूर्व मेयर सहित तीन पर दर्ज हुआ था मुकदमा इसके बाद से ही आयोजक वापस अब्दुल करीम चौराहे वाले चौड़े रास्ते की मांग कर रहे थे। पिछले साल भी इसी बात को लेकर भारी विवाद हुआ था और पुलिस ने पूर्व मेयर शकुंतला भारती समेत तीन लोगों के खिलाफ मुकदमे दर्ज किए थे। इस साल भी जब प्रशासन ने नोटिस जारी किए, तो बुधवार रात देहली गेट थाने पर भारी हंगामा और नारेबाजी हुई थी। हुआ हनुमान चालीसा का पाठ अनुमति मिलने के इंतजार में गुरुवार की पूरी रात कनवरीगंज स्थित मां दुर्गा मंदिर पर आध्यात्मिक और राजनीतिक सरगर्मी बनी रही। मंदिर परिसर में भक्तों ने हवन किया और हनुमान चालीसा का पाठ कर अपनी मांग दोहराई। वहीं दूसरी ओर, प्रशासन ने संवेदनशीलता को देखते हुए पूरे इलाके को छावनी में तब्दील कर दिया है। पुलिस बल तैनात आधी रात को ही भारी पुलिस बल ने कनवरीगंज, धनियाबाड़ा, कटरा, अब्दुल करीम चौराहा और सब्जी मंडी जैसे प्रमुख बाजारों में फ्लैग मार्च किया। पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी चप्पे-चप्पे पर तैनात हैं ताकि शोभायात्रा शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराई जा सके।

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