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सहारा शहर पूरी तरह खाली होना शुरू:व्हाइट हाउस से निकाले जा रहे लग्जरी सामान, सुब्रत रॉय की पत्नी स्वप्ना भी पहुंची थीं
लखनऊ का ऐतिहासिक सहारा शहर अब पूरी तरह से खाली होना शुरू हो गया है। सुब्रय रॉय सहारा की पत्नी स्वप्ना रॉय की कोठी स्वप्ना कुटी (व्हाइट हाउस) से सभी तरह के सामान निकालवा रही हैं। परिसर में बीते कुछ दिनों से लगातार हलचल बढ़ गई है। गहने, फर्नीचर, घड़ी, लॉकर, अलमारी, गाड़ियां, ट्रैक्टर, ट्राली, कार सहित अन्य सामान बाहर निकाले जा रहे हैं। इससे सहारा प्रबंधन का परिसर पर नियंत्रण पूरी तरह से खत्म हो जाएगा। अब बाहर निकाले गए सामान को परिसर में दोबारा लाने की अनुमति नहीं दी जाएगी। नगर निगम ने सहारा प्रबंधन से पूरा परिसर खाली करने का भी निर्देश दिया है। चोरी के बाद प्रबंधन अलर्ट, कर्मचारियों पर आशंका बीते सोमवार को एसटीएफ ने कार्रवाई करते हुए सहारा शहर में करोड़ों की चोरी करने वाले छह आरोपियों के गिरोह का खुलासा किया था। इसके साथ ही शहर में सीलिंग के बाद में 4-5 बार चोरी का प्रयास हो चुका है। इस बीच सहारा प्रबंधन की तरफ से अंदर से सामान निकलवाना शुरू कर दिया गया है। बीते दिनों सहारा शहर में पहुंची सुब्रय रॉय सहारा की पत्नी स्वप्ना रॉय ने चोरी के मामले में मौके पर कर्मचारियों से बात करते हुए संस्था में काम करने वाले कर्मचारियों की मिलीभगत की बात कही। एसटीफ के अधिकारी भी सहारा प्रबंधन में शामिल ऐसे लोगों के खिलाफ कार्रवाई करने की तैयारी कर रहे हैं, जिनकी निशानदेही पर चोरी हुई। क्यों कि 170 एकड़ के कैंपस में किस जगह क्या है? यह बाहरी लोगों को कैसे पता चला? वहीं, एसटीएफ की तरफ से कार्रवाई के बाद चोरों के पास से 0.32 बोर की दो ऑटोमैटिक पिस्टल के साथ में 5 कारतूस, राडो, पाको रैबन, गिरार्ड पैरिवाक्स, टेक्नो मारिन और टाइटन सहित कई अंतरराष्ट्रीय ब्रांड की घड़ियां, दो कैमरे, दो एलसीडी टीवी, 878 कैसिनो क्वाइन, पांच मोबाइल, एक पिकअप, एसयूवी सहित एक किलो चांदी का पीकदान, 500 ग्राम चांदी की सात सिंदूर दानी, सोने के टप्स,चेन और बालियां मिली हैं। नगर निगम की टीम ने सहारा के लोगों को लगाई फटकार नगर निगम और एसटीफ की जांच में खुलासा हुआ है कि रात के समय में भी सील हो चुके परिसर की रेकी सहारा में काम करने वाले कर्मचारी करते रहते हैं। करीब तीन दिन पहले नगर निगम और एसटीएफ की टीम ने ऐसे लोगों को मौके पर पहुंचकर ही फटकार लगाई है। इसके बाद से रेकी करने वाले लोगों की संख्या में कमी आई है, लेकिन अंदेशा है कि ऐसे लोग अभी भी परिसर में रखे सामानों को ठिकाने लगाने की कोशिश में लगे हुए हैं। सहारा परिसर की सुरक्षा के लिए लिखा पत्र सहायक नगर आयुक्त ने अपर नगर आयुक्त को पत्र लिखकर सहारा शहर परिसर की सुरक्षा के लिए गार्डो की संख्या बढ़ाने की मांग की है। चोरी की लगातार आ रही घटनाओं के बाद जब परिसर खाली हो रहा है तो अधिकारियों को इस बात का ख्याल आया है। सुप्रीम कोर्ट से भी सहारा को नहीं मिली राहत सुप्रीम कोर्ट ने सहारा शहर की लीज खत्म करने के निर्णय को सही माना है। इसके साथ ही लीज डीड को रद्द करने के निर्णय को गैर कानूनी बताने वाली सहारा की याचिका को भी खारिज कर दिया गया है। नगर निगम ने 30 साल की लीज अवधि पूरा होने और शर्तों के उल्लंघन पर 6 अक्तूबर में सहारा शहर को अपने कब्जे में ले लिया था। इसके बाद परिसर के गेटों को सील कर वहां सुरक्षा कर्मी तैनात कर दिए थे। इस कार्रवाई के कारण सहारा प्रमुख रहे सुब्रत रॉय सहारा की पत्नी स्वप्ना रॉय को भी परिसर खाली करना पड़ा था। लीज निरस्त करने की कार्रवाई के विरोध में सहारा कंपनी पहले हाईकोर्ट गई। वहां से राहत नहीं मिली तो वह सुप्रीम कोर्ट गई। वहां भी उसे राहत नहीं मिली। कोर्ट ने 16 मार्च को अपील खारिज कर दी। नगर आयुक्त गौरव कुमार ने बताया कि सुप्रीम कोर्ट में नगर निगम की जीत हुई है। सहारा शहर की जमीन पर अब किसी तरह का कोई कानूनी विवाद नहीं रहा है। दरअसल, सहारा ने देश भर में अपनी 88 संपत्तियों की लिस्टिंग करते हुए सेबी से अटैच किया था। इसमें सहारा शहर का 130 एकड़ का परिसर भी था। इसी पर मालिकाना हक को लेकर नगर निगम ने विरोध किया था। इसलिए दी गई थी जमीन नगर निगम की ओर से आवासीय योजना विकसित करने के लिए सहारा इंडिया हाउसिंग लिमिटेड कंपनी को 1994 में लाइसेंस पर शर्तों के तहत 170 एकड़ जमीन दी थी। जिसमें 130 एकड़ में आवासीय प्लॉट-मकान बनाकर कॉलोनी विकसित करनी थी और 40 एकड़ का ग्रीन बेल्ट है। वहीं, अब सहारा से जमीन खाली कराने के बाद इसपर नगर निगम का कब्जा है। जबकि शासन की तरफ से इसपर नया विधानभवन बनाने की तैयारी है। इसके लिए एलडीए को नोडल एजेंसी बनाया गया है।
Sourse: Dainik Bhaskar via DNI News

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