सहारनपुर के डीएम मनीष बंसल की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभागार में मंगलवार शाम को जिला सड़क सुरक्षा समिति की मासिक समीक्षा बैठक हुई। इसमें सड़क सुरक्षा को लेकर सख्त दिशा-निर्देश जारी किए गए। सभी संबंधित विभागों को आपसी समन्वय के साथ संवेदनशील और जिम्मेदार दृष्टिकोण अपनाने को कहा गया, ताकि जिले में सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाई जा सके। जिलाधिकारी ने मुख्य मार्गों पर बने सभी अवैध कटों को तत्काल बंद करने का निर्देश दिया। साथ ही, सड़क किनारे होने वाली अवैध पार्किंग पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने को कहा गया। उन्होंने यातायात नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सघन अभियान चलाने के निर्देश दिए, जिसमें चालान के साथ ड्राइविंग लाइसेंस और वाहन जब्ती जैसी कार्रवाई भी शामिल होगी। नवयुवकों की ओर से किए जाने वाले स्टंट पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने के लिए तीन चरणों में कार्रवाई की व्यवस्था लागू की जाएगी। पहले चरण में चालान, दूसरे में लाइसेंस जब्ती और तीसरे चरण में वाहन जब्ती या स्क्रैप की कार्रवाई होगी। इसके अलावा, अंडरएज वाहन चालकों, खासकर छात्र-छात्राओं के खिलाफ भी सख्त अभियान चलाने के निर्देश दिए गए। बैठक में ई-रिक्शा चालकों, विशेषकर हाईवे पर चलने वाले ई-रिक्शाओं पर नियमित कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा गया। स्कूल वाहनों की फिटनेस पर विशेष ध्यान देने और निर्धारित क्षमता से अधिक बच्चों को ले जाने वाले वाहनों पर कड़ी कार्रवाई के निर्देश भी दिए गए। जिलाधिकारी ने उन क्षेत्रों में हाईट बैरियर लगाकर भारी वाहनों के प्रवेश प्रतिबंध का सख्ती से पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए, जहां यह लागू है। उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम की बसों को भी अव्यवस्थित ढंग से खड़ा न होने देने को कहा गया। जिलाधिकारी ने प्रधानमंत्री राहत योजना का भी जिक्र किया। इसके तहत सड़क दुर्घटना में घायल व्यक्तियों को दुर्घटना के सात दिनों के भीतर अधिकतम 1.5 लाख रुपये तक का कैशलेस उपचार मिलेगा। सभी विभागों को इस योजना का व्यापक प्रचार-प्रसार करने के निर्देश दिए गए। अधिकारियों ने बताया कि पिछले तीन वर्षों के आंकड़ों के आधार पर 36 हॉटस्पॉट और 15 अतिरिक्त संवेदनशील स्थलों की पहचान की गई है, जहां जल्द ही सुधारात्मक कार्य किए जाएंगे।

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