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सहारनपुर में दहेज हत्या में पति को उम्रकैद:6 साल पहले गर्भवती पत्नी का फांसी के फंदे पर लटका मिला था शव, सास हुई बरी


                 सहारनपुर में दहेज हत्या में पति को उम्रकैद:6 साल पहले गर्भवती पत्नी का फांसी के फंदे पर लटका मिला था शव, सास हुई बरी

सहारनपुर में दहेज हत्या में पति को उम्रकैद:6 साल पहले गर्भवती पत्नी का फांसी के फंदे पर लटका मिला था शव, सास हुई बरी

सहारनपुर में कोर्ट ने 6 साल पुराने एक दहेज हत्या के मामले में अभियुक्त पति को दोषी करार दिया है। कोर्ट ने अभियुक्त को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। वहीं, आरोपी सास को संदेह का लाभ देते हुए कोर्ट ने बरी कर दिया है। फास्ट ट्रैक कोर्ट प्रथम के अपर सत्र न्यायाधीश कमलदीप ने पत्रावली पर आए साक्ष्यों और गवाहों की गवाही के आधार पर ये फैसला सुनाया है। ये मामला थाना सदर बाजार क्षेत्र का है। अपर जिला शासकीय अधिवक्ता सतीश कुमार सैनी के अनुसार, थाना सदर बाजार में 29 मई 2020 को वादी सोमवती ने अपनी बेटी नीतू की हत्या का मुकदमा दर्ज कराया था। रिपोर्ट के अनुसार, सोमवती की 26 वर्षीय बेटी नीतू की शादी सुमित निवासी दल्हेड़ी, थाना बड़गांव के साथ हुई थी। शादी के बाद से ही नीतू को दहेज के लिए लगातार प्रताड़ित किया जा रहा था। वादी ने आरोप लगाया कि सुमित और उसकी मां कांता दहेज में बाइक, सोने की अंगूठी और 30 हजार रुपए की मांग कर रहे थे। मांग पूरी न होने पर नीतू को मानसिक और शारीरिक रूप से परेशान किया जाता था। घटना के समय नीतू गर्भवती भी थी, जिससे मामला और गंभीर हो गया। घटना वाले दिन 29 मई 2020 की दोपहर करीब दो बजे परिजनों को सूचना मिली कि नीतू की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई है। आरोप है कि पति और सास ने मिलकर उसे फांसी पर लटकाकर हत्या कर दी। सूचना मिलते ही मृतका के परिजन मौके पर पहुंचे और पुलिस को सूचित किया गया। अपर जिला शासकीय अधिवक्ता सतीश कुमार सैनी के अनुसार, पुलिस ने मामले की जांच करते हुए पति सुमित और उसकी मां कांता के खिलाफ दहेज हत्या और दहेज उत्पीड़न की धाराओं में मुकदमा दर्ज कर चार्जशीट कोर्ट में दाखिल की। सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने पर्याप्त साक्ष्य और गवाह प्रस्तुत किए, जिनके आधार पर कोर्ट ने पति सुमित को दोषी करार दिया। फास्ट ट्रैक कोर्ट प्रथम के अपर सत्र न्यायाधीश कमलदीप ने अभियुक्त पति सुमित को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। वहीं, संदेह का लाभ देते हुए सास को बरी कर दिया है। कोर्ट ने पत्रावली पर आए साक्ष्यों और गवाहों की गवाही के आधार पर ये फैसला सुनाया है।


Sourse: Dainik Bhaskar via DNI News

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