सहारनपुर में जनपद न्यायाधीश एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के अध्यक्ष ने सोमवार शाम को जेल विजिटर्स के साथ जिला कारागार का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान कारागार परिसर में बंदियों को त्वरित और निःशुल्क कानूनी सहायता उपलब्ध कराने के उद्देश्य से प्रिजन लीगल एड क्लीनिक का विधिवत उद्घाटन किया गया। निरीक्षण के दौरान जनपद न्यायाधीश ने जेल की विभिन्न व्यवस्थाओं का बारीकी से जायजा लिया। उन्होंने बैरकों, भोजनालय (किचन) और चिकित्सालय का निरीक्षण कर कैदियों को दिए जाने वाले भोजन की गुणवत्ता की जांच की। साथ ही पेयजल और साफ-सफाई की व्यवस्था को और बेहतर बनाए रखने के निर्देश संबंधित अधिकारियों को दिए। इस अवसर पर न्यायाधीश ने बंदियों से सीधा संवाद भी किया। उन्होंने कैदियों से व्यक्तिगत रूप से मुलाकात कर उनकी समस्याएं सुनीं और उनके समाधान के लिए अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। विशेष रूप से उन विचाराधीन कैदियों की जानकारी ली गई, जिनके पास कानूनी पैरवी के लिए वकील उपलब्ध नहीं हैं। स्वास्थ्य सुविधाओं की समीक्षा के दौरान जेल अस्पताल में उपलब्ध दवाओं, उपचार व्यवस्था और डॉक्टरों की उपस्थिति का भी निरीक्षण किया गया। जेल अधीक्षक ने जानकारी दी कि गंभीर रूप से बीमार बंदियों को आवश्यकतानुसार उच्च चिकित्सा केंद्रों पर रेफर किया जा रहा है। नवनिर्मित प्रिजन लीगल एड क्लीनिक के माध्यम से अब जेल परिसर के अंदर ही पैरा लीगल वॉलंटियर्स (PLVs) और LADCS अधिवक्ता बंदियों को उनके कानूनी अधिकारों, अपील प्रक्रिया और पैरोल से संबंधित जानकारी उपलब्ध कराएंगे। इससे बंदियों को न्यायिक सहायता प्राप्त करने में आसानी होगी। उद्घाटन के दौरान जनपद न्यायाधीश ने कहा कि संविधान के अनुच्छेद 21 के तहत प्रत्येक बंदी को त्वरित न्याय और कानूनी सहायता का अधिकार है, जिसे यह क्लीनिक सुनिश्चित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। इस मौके पर जिलाधिकारी, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक, सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, मुख्य चिकित्सा अधिकारी, जेल अधीक्षक सहित कई न्यायिक एवं प्रशासनिक अधिकारी मौजूद रहे।

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