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सहारनपुर के मौलाना की मेरठ से गिरफ्तारी:हिजबुल्ला के समर्थन में की थी तकरीर, विदेशी कनेक्शन और ईद नारेबाजी से जुड़ी जांच तेज

सहारनपुर के देवबंद क्षेत्र में एक मौलाना की गिरफ्तारी ने सुरक्षा एजेंसियों और स्थानीय प्रशासन को अलर्ट मोड पर ला दिया है। यूपी एटीएस ने मेरठ के पास से आरोपी मौलाना को हिरासत में लिया, जिस पर आतंकी संगठन हिजबुल्ला के समर्थन में बयानबाजी करने, युवाओं को भड़काने और ईद के दिन गांव थितकी में विवादित नारेबाजी कराने के गंभीर आरोप लगे हैं। हालांकि अभी तक इस गिरफ्तारी को लेकर कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है, लेकिन सूत्रों के हवाले से कई चौंकाने वाले खुलासे सामने आ रहे हैं। बताया जा रहा है कि देवबंद के गांव थितकी में ईद के दिन अचानक माहौल तनावपूर्ण हो गया था, जब कुछ लोगों द्वारा आपत्तिजनक और उग्र नारेबाजी की गई। इस घटना के बाद पुलिस और खुफिया एजेंसियां सतर्क हो गई थीं। जांच के दौरान सामने आया कि इस पूरी घटना के पीछे गिरफ्तार मौलाना की भूमिका संदिग्ध है। आरोप है कि उसने सोशल मीडिया और स्थानीय नेटवर्क के जरिए युवाओं को उकसाया और माहौल खराब करने की साजिश रची। सूत्रों के अनुसार, हाल ही में एक धार्मिक सभा के दौरान मौलाना ने खुलेआम लेबनान के आतंकी संगठन हिजबुल्ला के समर्थन में बयान दिया था। इतना ही नहीं, उसने पुलिस को चुनौती देते हुए कहा था कि “अगर हिम्मत है तो उसे गिरफ्तार करके दिखाएं।” इस बयान का वीडियो जैसे ही पुलिस और खुफिया एजेंसियों तक पहुंचा, मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच तेज कर दी गई। जांच एजेंसियों के मुताबिक आरोपी मौलाना हाल ही में ईरान, दुबई, इराक, कतर और ओमान जैसे देशों की यात्रा कर चुका है। खास बात यह है कि उसने ईरान में करीब 5 साल तक रहकर धार्मिक शिक्षा भी हासिल की है। इस दौरान वह किन लोगों के संपर्क में रहा, किन संगठनों से जुड़ा और उसकी गतिविधियां क्या थीं—इन सभी पहलुओं की गहराई से जांच की जा रही है। सूत्र बताते हैं कि मौलाना पहली बार तब खुफिया एजेंसियों के निशाने पर आया था, जब उसने पाकिस्तान के इस्लामाबाद स्थित मस्जिद में हुए बम विस्फोट में मारे गए लोगों की आत्मा की शांति के लिए देवबंद में कैंडल मार्च निकालने की अनुमति मांगी थी। उसने इस संबंध में एसडीएम को प्रार्थना पत्र भी दिया था, लेकिन प्रशासन ने अनुमति देने से इनकार कर दिया था। इसके बाद से उसकी गतिविधियों पर लगातार नजर रखी जा रही थी। बताया जा रहा है कि एटीएस टीम ने मौलाना को उस वक्त हिरासत में लिया, जब वह मेरठ से देवबंद लौट रहा था। गिरफ्तारी को बेहद गोपनीय तरीके से अंजाम दिया गया। फिलहाल एटीएस और स्थानीय पुलिस इस मामले पर कुछ भी बोलने से बच रही है, जिससे पूरे मामले में सस्पेंस और गहरा गया है। सुरक्षा एजेंसियों को शक है कि यह मामला केवल एक व्यक्ति तक सीमित नहीं है, बल्कि इसके पीछे एक बड़ा नेटवर्क सक्रिय हो सकता है। मौलाना के मोबाइल, सोशल मीडिया अकाउंट और विदेशी संपर्कों की गहन जांच की जा रही है। आने वाले दिनों में इस मामले में और बड़े खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है।

Source: Dainik Bhaskar via DNI News (Prayagraj)

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