भास्कर न्यूज| शिवहर शिवहर जिला में गत अक्टूबर में आए मोंथा चक्रवात तूफान ने किसानों की कमर तोड़ दी। लेकिन, अब सरकारी तंत्र की लापरवाही ने उनकी रही-सही उम्मीदों पर पानी फेर दिया है। फसलों की भारी क्षति के आकलन के लिए अधिकारियों द्वारा किए गए हवाई सर्वेक्षण की अपूर्ण कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। जन सुराज पार्टी के जिला सचिव सुधीर गुप्ता ने आरोप लगाया है कि यह सर्वेक्षण अधूरा और पक्षपातपूर्ण है। जिसमें जान बूझकर कई बुरी तरह प्रभावित क्षेत्रों को छोड़ दिया गया है। सर्वे में हरनाही और पिछड़ा डुमरी कटसरी प्रखंड के क्षेत्र गायब है। सुधीर गुप्ता ने मीडिया के सामने सर्वेक्षण की विसंगतियों को रखा। उन्होंने बताया कि हरनाही पंचायत में धान की फसलों का व्यापक नुकसान हुआ है। मगर विडंबना यह है कि अधिकारियों द्वारा जारी की गई प्रारंभिक क्षतिपूर्ति सूची में इस पंचायत का नाम तक नहीं है। यही हाल जिले के सबसे पिछड़े डुमरी कटसरी ब्लॉक का है। इस क्षेत्र के प्रमुख प्रभावित गांव, जैसे- झिटकाही, रोहुआ, फुलकहां, मकसूदपुर, और कररिया भी सर्वेक्षण की जद से बाहर है। सवाल किया कि यह कौन सा हवाई सर्वेक्षण किया गया है, जिसमें सबसे अधिक प्रभावित पंचायतें और ब्लॉक का नाम ही नहीं है? शिवहर जिले का सबसे पिछड़ा ब्लॉक डुमरी कटसरी है और हर बार फसलें नुकसान होने पर यहां के किसानों को मुआवजा नहीं मिलता। यह किसानों के साथ घोर अन्याय और धोखा है। फिर से इन छुटे पंचायतों को जोड़ने की मांग की गई है।
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