राज्य में मौजूदा समय में पुलिस के लिए साइबर अपराध सबसे बड़ी चुनौती है। इससे निपटने के लिए साइबर अपराध इकाई का गठन किया गया है। इसके सार्थक परिणाम देखने को मिलेंगे। ये बातें उपमुख्यमंत्री सह गृहमंत्री सम्राट चौधरी ने बीएमपी-5 मिथिलेश स्टेडियम में रविवार को बिहार पुलिस सप्ताह 2026 का उद्घाटन करते हुए कहीं। उन्होंने कहा-कानून का राज स्थापित करने की जिम्मेवारी पुलिसकर्मियों पर है। हमारी सरकार पुलिस को बेहतर सुविधाएं मुहैया करवाने में लगी है। पुलिसिंग को बेहतर बनाने में एआई का सहयोग भी बड़े स्तर पर लिया जा रहा है। जहां भी पुलिस लाइन के निर्माण का कार्य बचा हुआ है, उसे जल्द पूरा किया जाएगा। डीजीपी विनय कुमार ने कहा कि हर मोड़ पर जनसहयोग की जरूरत पुलिसिंग में पड़ती है। ऐसे में लोगो के बीच विश्वास बढ़ाना हमारा उद्देश्य है। तभी सार्थक पुलिसिंग को अंजाम दिया जा सकता है। इस मौके पर गृह विभाग के अपर मुख्य सचिव गृह विभाग अरविंद चौधरी, डीजी कुंदन कृष्णन, एडीजी (विधि-व्यवस्था) पंकज कुमार दराद समेत पुलिस अधिकारी भी मौजूद रहे। बिहार में पिछले साल अप्रैल से लेकर दिसंबर तक साइबर अपराध की 88045 शिकायतें दर्ज की गईं। लोगों के सहयोग के बिना बेहतर पुलिसिंग संभव नहीं : डीजीपी कई कार्यक्रम होंगे 27 फरवरी तक पुलिस सप्ताह के दौरान पुलिस-पब्लिक संवाद, जन जागरुकता, सांस्कृतिक कार्यक्रम और खेल प्रतियोगिताएं होंगी। प्रतियोगिताओं में स्कूल-कॉलेजों की छात्राओं की सहभागिता सुनिश्चित की जाएगी और विजेताओं को पुरस्कृत किया जाएगा। सभी थाना, ओपी और पुलिस प्रतिष्ठानों में स्वच्छता अभियान चलाया जाएगा। प्रत्येक जिले में एसपी स्तर से तीन सर्वश्रेष्ठ स्वच्छ थाना और ओपी को पुरस्कृत भी किया जाएगा। रक्तदान शिविर भी लगेंगे।
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