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सपा व्यापार-सभा प्रदेशाध्यक्ष का भतीजा हवाला कारोबार में गिरफ्तार:कफसिरप तस्करी में शुभम का पार्टनर, फेसटाइम पर बातचीत फिर मनीलॉड्रिंग करता था वैभव

वाराणसी की कोतवाली पुलिस ने कफसिरप कांड की जांच में बर्तन कारोबारी वैभव जायसवाल को गिरफ्तार किया है। वैभव पर हवाला के जरिए करोड़ों रुपये के हेरफेर करने का आरोप है। इसके साथ ही वह शुभम का राजदार और मददगार है जो ब्लैक मनी को नंबर एक में बदलता था। पुलिस ने अवैध कारोबार की रकम इधर-उधर पहुंचाने वाले मुख्य आरोपी वैभव जायसवाल को गिरफ्तार कर लिया है। वैभव का परिवार बर्तन कारोबारी है और समाजवादी व्यापार सभा के प्रदेश अध्यक्ष प्रदीप जायसवाल का भतीजा है। पुलिस ने आरोपी को पूछताछ के बाद कोर्ट में पेश किया, जहां से जेल भेज दिया गया। बता दें कि सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव लगातार कोडिन कफ सिरप में पूर्व सांसद धनंजय सिंह समेत भाजपा नेताओं की मिलीभगत और भूमिका पर सवाल उठाते रहे, जबकि अब उनकी पार्टी के व्यापार सभा प्रदेशाध्यक्ष का सगा भतीजा पूरे काले कारोबार की अहम कड़ी बनकर सामने आया है।

वाराणसी के चर्चित कोडीन युक्त कफ सिरप तस्करी के मामले में लगातार गिरफ्तारियों के बीच हवाला कारोबारी वैभव जायसवाल को कोतवाली पुलिस और एसआईटी ने दबोच लिया। शुभम जायसवाल के इनर सर्किल में शामिल वैभव जायसवाल कफ सिरप तस्करी की रकम को गोल्ड, शराब और साड़ी कारोबार के जरिए हवाला में बदलता था। एसआईटी बांग्लादेश और पश्चिम बंगाल तक जुड़े हवाला नेटवर्क की जांच कर रही है। गिरफ्तार आरोपी जैतपुरा थाना क्षेत्र के दारानगर का निवासी है। आरोपी से कोतवाली पुलिस और एसआईटी पूछताछ कर रही है। वैभव की नाटी इमली-कॉटनमिल रोड पर बर्तन की दुकान भी है। तस्करी से अर्जित रकम शुभम के बताए ठिकानों और लोगों तक वैभव के माध्यम से पहुंचाई गई। पश्चिम बंगाल से हवाला कारोबार अधिक पैमाने पर हुआ। वैभव, शुभम का सबसे भरोसेमंद राजदार था। विभागीय सूत्रों के अनुसार, वैभव के ठिकाने से भारी मात्रा में करेंसी भी मिली है। कफ सिरप के अलावा शुभम ने वैभव के साथ शराब का कारोबार भी शुरू किया था। छह शराब की दुकानें शुभम के पास थीं, जिनमें दो का नवीनीकरण नही होने पर हाथ से निकल गया। सिगरा और रोहनिया के शहावाबाद के दो ठेके भी खो गए। तीन अन्य संदिग्धों से पूछताछ जारी है, जिनके आधार पर आज कई लोगों की गिरफ्तारी संभव है। एसआईटी की जांच और विवेचना के क्रम में आरोपियों को चिह्नित कर कार्रवाई की जा रही है। शुभम के करीबियों में शामिल वैभव जायसवाल को गिरफ्तार किया गया। जांच में कई ऐसे साक्ष्य मिले हैं, जो सीधे हवाला से जुड़े हैं। वैभव को जज के जेल भेजने के बाद पुलिस ने कोर्ट से जेल में दाखिल कर दिया। शुभम से वैभव की फेसटाइम पर बातचीत एसीपी विजय प्रताप ने बताया कि गिरफ्तार आरोपियों और बैंकों के विवरण खंगालने के क्रम में वैभव का नाम सामने आया। कफ सिरप प्रकरण शुरू होने और शुभम के भागने के समय से वैभव भी लापता था। एसआईटी की जांच में सामने आया कि मास्टरमाइंड शुभम जायसवाल और वैभव का सीधा जुड़ाव है। शुभम की फरारी के दौरान भी वैभव से फेसटाइम पर बातचीत होती रही। तस्करी मामले में प्राथमिकी दर्ज होने के बाद से वांछित शुभम जायसवाल दुबई और नेपाल में छिपे होने की संभावना है। कुछ जानकारों के अनुसार वह कोलकाता से आवाजाही भी कर रहा है। पांच से अधिक बैंक खाते सीज होने और पकड़े जाने के भय से वह बैंकों से रकम निकाल नहीं रहा है, इसलिए हवाला के जरिए अपने ठिकानों तक रकम भेजवा रहा है। वाराणसी, झारखंड और कोलकाता से रकम मंगाई जा रही है। शुभम के संपर्क में अभी भी कुछ अधिवक्ता और सफेदपोश हैं, जो फेसटाइम के जरिए जुड़े हुए हैं। सोनभद्र जेल में शुभम के पिता भोला प्रसाद जायसवाल बंद हैं। परिवार से जुड़ा सपा का नेटवर्क सियासत से जुड़ी कड़ियां गिरफ्तार आरोपी वैभव जायसवाल का नाम सामने आते ही मामला और संवेदनशील हो गया, क्योंकि वह समाजवादी पार्टी व्यापार सभा उत्तर प्रदेश के प्रदेश अध्यक्ष प्रदीप जायसवाल का सगा भतीजा है। इस कड़ी ने न सिर्फ पुलिस जांच को और गंभीर बना दिया है, बल्कि राजनीतिक गलियारों में भी हलचल पैदा कर दी है। बता दें कि कफसिरप कांड में सपा सुप्रीमो अखिलेश यादव लगातार सवाल उठाते रहे हैं। सांसद धर्मेंद्र यादव ने भी सदन में इसके नेटवर्क और भजापा नेताओं की मिलीभगत का आरोप लगाया था। अब जांच के दौरान इसका नेटवर्क सपा व्यापार सभा के प्रदेश अध्यक्ष से जुड़ गया है। इसके बाद कई सवाल भी खड़े हो गए हैं।
लाखों की बरामदगी और हवाला कनेक्शन कोतवाली थाने में 15 नवंबर को दर्ज मुकदमे में शुभम जायसवाल, उसके पिता भोला जायसवाल समेत करीब 40 लोगों को नामजद किया गया था। विवेचना के दौरान जैसे-जैसे जांच आगे बढ़ी, वैभव का नाम सामने आया और पुलिस ने उसे दबोच लिया। उसके घर पर छापेमारी कर परिजनों से भी पूछताछ की गई है, जबकि पांच संदिग्धों से लगातार पूछताछ जारी है। पुलिस ने वैभव जायसवाल के पास से लाखों रुपये नगद बरामद किए हैं, जिसे अवैध लेन-देन का हिस्सा माना जा रहा है। जांच में यह भी स्पष्ट हुआ है कि आरोपी हवाला कारोबार से गहराई से जुड़ा हुआ था और वही इस नेटवर्क की आर्थिक रीढ़ बना हुआ था। पूछताछ में वैभव ने ने बताया कि गिरोह रोजाना करीब 10 करोड़ रुपये से अधिक का लेनदेन करता था। सिगरा, परेडकोठी और पंचक्रोशी चौराहा जैसे इलाकों से जुड़े कुछ लोगों को हिरासत में लिया गया है, जिनसे पूछताछ के बाद और बड़े खुलासे होने की उम्मीद है। वैभव जायसवाल की गिरफ्तारी को इस पूरे मामले में एक अहम मोड़ माना जा रहा है। पुलिस को उम्मीद है कि उससे हुई पूछताछ के आधार पर इस तस्करी नेटवर्क के कई और बड़े नाम सामने आएंगे और इस काले साम्राज्य की जड़ें पूरी तरह उजागर होंगी।

Source: Dainik Bhaskar via DNI News (Prayagraj)

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