राजधानी स्थित इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में चल रहे सड़क सुरक्षा संवाद एवं प्रशिक्षण कार्यशाला का दूसरा दिन भी जागरूकता और सीख से भरपूर रहा। परिवहन विभाग की इस पहल में प्रदेश के विभिन्न जिलों से आए युवाओं को सड़क सुरक्षा के प्रति प्रशिक्षित किया जा रहा है, ताकि वे आगे चलकर समाज में जागरूकता फैलाने का काम कर सकें। हर जिले से शामिल हुए युवा प्रतिभागी लखनऊ आरटीओ संजय तिवारी ने बताया कि इस संवाद कार्यक्रम में एनसीसी, स्काउट-गाइड और एनएसएस के छात्रों को शामिल किया गया है। प्रत्येक जिले से चार-चार प्रतिभागियों ने इसमें हिस्सा लिया है। प्रशिक्षण के बाद ये सभी युवा अपने-अपने जिलों में जाकर सड़क सुरक्षा के एंबेसडर के रूप में काम करेंगे। फर्स्ट एड और घायलों की मदद का प्रशिक्षण दो दिवसीय इस कार्यशाला के दौरान प्रतिभागियों को सड़क दुर्घटना के समय प्राथमिक उपचार (फर्स्ट एड) देने और घायलों की मदद करने के तरीके सिखाए गए। साथ ही यह भी बताया गया कि दुर्घटना पीड़ित की मदद करने पर पुलिस द्वारा परेशान नहीं किया जाएगा, जिससे लोग आगे आकर मदद करने के लिए प्रेरित हों। प्रतियोगिताओं के जरिए किया जाएगा प्रोत्साहन आरटीओ के अनुसार, ऐसे जागरूक युवाओं को आगे बढ़ाने के लिए विभिन्न प्रतियोगिताएं आयोजित की जाएंगी और उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वालों को सम्मानित भी किया जाएगा। इससे युवाओं में सड़क सुरक्षा के प्रति रुचि और जिम्मेदारी दोनों बढ़ेगी। प्रतिभागियों ने साझा किया अनुभव महाराजगंज से आए स्काउट-गाइड के छात्रों ने बताया कि इस प्रशिक्षण के बाद उनकी सोच में बड़ा बदलाव आया है। उन्होंने कहा कि कार्यक्रम के दौरान जब वे होटल लौट रहे थे, तो उन्हें सड़क पर कई लोग गलत तरीके से वाहन चलाते नजर आए। इससे उन्हें यह समझ आया कि लापरवाही ही दुर्घटनाओं का मुख्य कारण है। अपने जिलों में फैलाएंगे जागरूकता प्रतिभागियों ने बताया कि वे अपने-अपने जिलों में लौटकर 100 से 200 लोगों तक सड़क सुरक्षा का संदेश पहुंचाएंगे। इस पहल से न केवल युवाओं में जिम्मेदारी की भावना विकसित होगी, बल्कि सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाने की दिशा में भी यह एक महत्वपूर्ण कदम साबित हो सकता है।

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