संभल पुलिस ने दो सगे भाइयों की हत्या के चार महीने बाद मुख्य हत्यारोपी के भाई को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। मुख्य हत्यारोपी पर 50 हजार रुपए का इनाम घोषित था, जिसने 9 फरवरी को अधिवक्ता की वेशभूषा में कोर्ट में आत्मसमर्पण कर दिया था। पुलिस ने उसे रिमांड पर लेकर सबूत इकट्ठा किए थे। घटना जनपद संभल की गुन्नौर तहसील के थाना धनारी क्षेत्र के मझोला गांव की है। मृतक दोनों भाई चंदौसी तहसील के बहजोई थाना क्षेत्र के मैथरा धर्मपुर गांव के निवासी थे। 26 नवंबर को वे मझोला गांव में अपनी ननिहाल से एक बारात में शामिल होने जा रहे थे, तभी उनका अपहरण कर हत्या कर दी गई।
मृतक बच्चों की पहचान रामौतार के 14 वर्षीय बेटे अमरपाल और 10 वर्षीय बेटे कमल सिंह के रूप में हुई थी। हत्यारोपी धनवीर पुत्र नेत्रपाल, निवासी गांव सरैरा, थाना उघैती, जनपद बदायूं ने उनका अपहरण किया था। बच्चों के पिता ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी, जिसके बाद पुलिस ने आठ राज्यों में दबिश दी और दो साल में उसके संपर्क में रहे 500 से अधिक लोगों से पूछताछ की, लेकिन उसे गिरफ्तार नहीं कर पाई थी। थाना प्रभारी संजय कुमार ने रविवार को बताया कि जेल में बंद मुख्य हत्यारोपी धनवीर के भाई दीवान ने इस हत्या में उसकी मदद की थी। दीवान का नाम 16 फरवरी को विवेचना के दौरान सामने आया। उसे गांव गढ़ी बिचौला से चेकिंग के दौरान गिरफ्तार किया गया और न्यायालय में पेश करने के बाद जेल भेज दिया गया है। अपहरण के बाद, 29 नवंबर को बड़े भाई अमरपाल का शव थाना रजपुरा क्षेत्र के सिंघौली कल्लू गांव के जंगल में मिला था। इसके 15 दिन बाद, 12 दिसंबर 2023 को छोटे भाई कमल सिंह का शव थाना धनारी क्षेत्र के भकरौली गांव में एक खेत के अंदर से बरामद हुआ था। आपको बता दें कि हत्यारोपी धनवीर मृतक भाइयों की बहन से शादी करना चाहता था और इस जिद को लेकर वह उसके घर पहुंच गया। बहन ने पूरे परिवार के सामने उसकी चिमटे से पिटाई कर दी, इस शाम को दोनों भाइयों का अपहरण कर हत्या कर दी गई।

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