सकोती टांडा स्टेशन पर दिल्ली–हरिद्वार एक्सप्रेस के पुनः ठहराव की मांग अब जोर पकड़ती जा रही है। स्थानीय ग्रामीणों, दैनिक यात्रियों, विद्यार्थियों और श्रमिकों ने एकजुट होकर इस मुद्दे को उठाया है और जनप्रतिनिधियों से हस्तक्षेप की मांग की है। लोगों का कहना है कि कोरोना काल से पहले इस ट्रेन का ठहराव सकोती टांडा स्टेशन पर होता था, जिसे बिना स्पष्ट कारण के बंद कर दिया गया। इसके चलते क्षेत्र के हजारों यात्रियों को रोजाना परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। यात्रियों को अब नजदीकी अन्य स्टेशनों तक जाना पड़ता है, जिससे समय और पैसे दोनों की अतिरिक्त लागत बढ़ रही है। जानकारी के मुताबिक, इस क्षेत्र से प्रतिदिन करीब 500 से अधिक मासिक पासधारक यात्री दिल्ली और हरिद्वार की ओर सफर करते हैं। साथ ही नगली तीर्थ स्थल होने के कारण यहां श्रद्धालुओं का आवागमन भी बना रहता है। ऐसे में ट्रेन का ठहराव न होना स्थानीय लोगों के लिए बड़ी समस्या बना हुआ है। इस संबंध में क्षेत्रवासियों ने उत्तर प्रदेश सरकार के निवर्तमान राज्यमंत्री एवं राज्य श्रम कल्याण परिषद के अध्यक्ष पं. सुनील भराला से मुलाकात कर मांग पत्र सौंपा। उन्होंने रेल मंत्री को अनुशंसा भेजकर ट्रेन के ठहराव को बहाल कराने की अपील की। पं. सुनील भराला ने नागरिकों को आश्वस्त करते हुए कहा कि वे जल्द ही रेल मंत्री से मिलकर इस मुद्दे को प्रमुखता से उठाएंगे और सकोती टांडा स्टेशन पर ट्रेन का ठहराव सुनिश्चित कराने के लिए हरसंभव प्रयास करेंगे। स्थानीय लोगों का मानना है कि यदि यह मांग पूरी होती है तो इससे हजारों यात्रियों को सीधा लाभ मिलेगा और क्षेत्र की रेल कनेक्टिविटी भी मजबूत होगी।

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