कानपुर के चकेरी स्थित एयरफोर्स स्टेशन में एक संविदा कर्मचारी को कथित तौर पर बिना सूचना नौकरी से निकालने और जातिसूचक अपमान का मामला सामने आया है। महर्षि वाल्मीकि सेना की जिला इकाई ने इस संबंध में रक्षा मंत्री के नाम एक ज्ञापन सोमवार को जिलाधिकारी को सौंपा, जिसमें पीड़ित को न्याय दिलाने की मांग की गई है। संगठन के जिला अध्यक्ष विमल कुमार ने बताया कि पीड़ित राकेश कुमार पिछले लगभग 30 वर्षों से एचएआई टीएडी, कानपुर की फैक्ट्री के सीटीपी कार्यालय में संविदा कर्मचारी के रूप में कार्यरत थे। आरोप है कि 19 मार्च 2025 को चीफ मैनेजर राजकुमार यादव और विंग कमांडर दीपक शर्मा ने उन्हें बिना कोई कारण बताए और बिना लिखित आदेश दिए सेवा से निष्कासित कर दिया। ज्ञापन में यह भी गंभीर आरोप लगाया गया है कि निष्कासन के दौरान पीड़ित के साथ जातिसूचक अपमान किया गया। संगठन का कहना है कि राकेश कुमार अपने परिवार के एकमात्र भरण-पोषणकर्ता हैं। उनकी पत्नी और तीन छोटे बच्चे हैं। नौकरी चले जाने से परिवार के सामने गंभीर आर्थिक संकट और भुखमरी की स्थिति उत्पन्न हो गई है।बच्चों की पढ़ाई बाधित हो गई है, जबकि बेटी के विवाह को लेकर भी चिंता बनी हुई है। महर्षि वाल्मीकि सेना ने रक्षा मंत्री और जिलाधिकारी कानपुर से मामले में हस्तक्षेप कर पीड़ित को तत्काल न्याय दिलाने और उसकी नौकरी बहाल कराने की मांग की है। संगठन के राष्ट्रीय पदाधिकारियों और जिला कमेटी के सदस्यों ने प्रशासनिक अधिकारियों से इस मामले में शीघ्र कार्रवाई की अपील की है।

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