संभल में सार्वजनिक भूमि पर अवैध रूप से बनी मस्जिद, मदरसा और अन्य इमारतों को ग्रामीणों ने स्वयं हटाना शुरू कर दिया है। यह कार्रवाई 28 मार्च को होने वाली भूमि की आधिकारिक पैमाइश से दो दिन पहले की गई है। उक्त मामला संभल जिले के असमोली थाना क्षेत्र के मुबारकपुर बंद गांव का है। लगभग तीस साल पहले बने मदरसा गौसुल उलूम और मदरसे वाली मस्जिद की ऊपरी मंजिल के निर्माण के दौरान दीवारों में खिड़कियां लगाने को लेकर आसपास के परिवारों ने शिकायत की थी, जिसे प्रशासन ने गंभीरता से लिया। जिलाधिकारी डॉ. राजेंद्र पैंसिया के निर्देश पर तहसीलदार धीरेंद्र कुमार सिंह ने ग्राम समाज की भूमि का सीमांकन कर उसे कब्जा मुक्त कराने के लिए एक टीम गठित की। इस टीम का नेतृत्व राजस्व निरीक्षक गुमसानी चंद्रपाल सिंह ने किया, जिसमें हल्का लेखपाल सुरेंद्र सिंह, पीयूष शर्मा, अमित प्रथम, अनुराग शर्मा और सुभाष चंद्र शामिल थे। 28 मार्च, शनिवार को मुबारकपुर बंद गांव में गाटा संख्या 623 (रकबा 0.112 हेक्टेयर, खाद का गड्ढा) और गाटा संख्या 630 (रकबा 0.126 हेक्टेयर, खेल का मैदान) की पैमाइश होनी है। इस संबंध में एसडीएम, असमोली के सीओ कुलदीप सिंह और थाना प्रभारी मोहित चौधरी को पत्र के माध्यम से सूचित कर दिया गया है। पैमाइश के दौरान शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस बल भी तैनात रहेगा। राजस्व विभाग का पत्र मिलने के बाद ग्राम प्रधान महताब जहां के प्रतिनिधि पति मुनव्वर हुसैन उर्फ बब्बू की ग्रामीणों से चर्चा के बाद गांव में हड़कंप मच गया था।
बुधवार रात को गांव में एक पंचायत हुई, जिसमें सार्वजनिक भूमि पर बने मदरसा गौसुल उलूम और मदरसे वाली मस्जिद की पैमाइश के बाद संभावित बुलडोजर कार्रवाई से होने वाले नुकसान से बचने का निर्णय लिया गया। इसके बाद गुरुवार को ग्रामीणों ने मस्जिद और मदरसे को तोड़ने का काम शुरू कर दिया। ग्रामीण शकील ने बताया कि प्रशासन ने सार्वजनिक भूमि की पैमाइश के निर्देश दिए हैं। 28 मार्च के बाद इस पर कार्रवाई होनी थी, लेकिन ग्रामीण इसे स्वयं ही हटाना चाहते हैं, इसलिए यह निर्माण हटाया जा रहा है।

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