संभल में एक निकाह से पहले आयोजित कार्यक्रम में बार-बालाओं के डांस का वीडियो सामने आने के बाद विवाद खड़ा हो गया है। इस घटना पर मुफ्ती ने कड़ी आपत्ति जताते हुए मुसलमानों से फिजूलखर्ची और नाच-गाने से बचने की अपील की है। यह मामला संभल जनपद के थाना नखासा क्षेत्र के गांव लालबेग की मिलक का है। यहां वसीम पुत्र कशमुद्दीन के चचेरे भाई का निकाह होना था। निकाह से पूर्व घर में ‘मढ़ा’ का कार्यक्रम आयोजित किया गया था, जिसमें डीजे पर बार-बालाएं नाच रही थीं। वायरल वीडियो में कई लोग मौजूद दिख रहे हैं, जो बार-बालाओं पर नोट उड़ा रहे थे। कार्यक्रम में मौजूद किसी व्यक्ति ने यह वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया। वीडियो सामने आने के बाद मुफ्ती मौलाना आलम रजा नूरी ने इस पर अपनी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस्लाम में इस तरह के शोर-शराबे और नाच-गाने पर पूरी तरह पाबंदी है। मुफ्ती-ए-सिरसी एवं मदरसा अजमल-उल-उलूम के मौलाना आलम रजा नूरी ने मुसलमानों को ऐसी शादियों से दूर रहने की सलाह दी। उन्होंने कुरान की आयत का हवाला देते हुए कहा कि फिजूलखर्ची करने वाले शैतान के भाई होते हैं। मौलाना नूरी ने शादियों में बेवजह पैसा बर्बाद न करने की सलाह दी। उन्होंने हजरत मोहम्मद की शिक्षाओं का भी जिक्र किया, जिसमें कहा गया है कि “निकाह को सस्ता और आसान करो, ताकि समाज में बुराइयां कम हों।” उन्होंने जोर देकर कहा कि यदि समाज और कौम तरक्की चाहती है, तो शादियों में होने वाले इन गलत कामों और भारी खर्चों को बंद करना होगा। मौलाना ने मुसलमानों से ऐसे कामों से दूर रहने का आह्वान किया, जिनसे इस्लाम की छवि खराब होती है, और सादगी से निकाह करने की बात कही। थाना प्रभारी संजीव कुमार ने बताया कि यह मामला उनके संज्ञान में आया है। उन्होंने पुष्टि की कि वसीम के घर में शादी का कार्यक्रम था और उनके चचेरे भाई का निकाह है। थाना प्रभारी ने कहा कि यदि कोई शिकायत दर्ज कराता है, तो नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

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