संभल में ईद का चांद नज़र नहीं आया है। इसके बाद मरकज़ी रुयते हिलाल कमेटी ने घोषणा की कि ईद-उल-फ़ित्र अब 21 मार्च (शनिवार) को मनाई जाएगी। यह निर्णय मरकज़ी मदरसा अहले सुन्नत अजमल उल उलूम में शहर मुफ़्ती क़ारी अलाउद्दीन अजमली की अध्यक्षता में हुई बैठक में लिया गया। बैठक में शहर के उलमा, बुद्धिजीवी और विभिन्न वर्गों के प्रतिनिधि मौजूद थे। चांद दिखाई न देने पर कमेटी ने देश के अन्य शहरों से संपर्क किया। अधिकांश स्थानों से चाँद न दिखने की ही जानकारी मिली। इसके बाद ‘ख़बर-ए-इस्तिफ़ादा’ के आधार पर सर्वसम्मति से यह निर्णय लिया गया कि रमज़ान के 30 रोज़े पूरे किए जाएंगे और ईद 21 मार्च को ही मनाई जाएगी। कमेटी ने बताया कि 20 मार्च को रमज़ान का 30वां रोज़ा रखा जाएगा। इसके बाद शनिवार को शहर और पूरे क्षेत्र में ईद की नमाज़ अदा की जाएगी। इस घोषणा के बाद मुस्लिम समुदाय में ईद की तैयारियां तेज़ हो गई हैं। बैठक में क़ारी तनज़ीम अशरफ़ अजमली, मुफ़्ती राशिद सक़ाफी, इमामे ईदगाह मौलाना ज़हीरुल इस्लाम, मौलाना शरीफ़ अहमद, ख़्वाजा कलीम अशरफ़, मौलाना शमशाद मिस्बाही, क़ारी साजिद, क़ारी सरताज, क़ारी शाहिद, हाजी ज़फीर अहमद, सय्यद अब्दुल क़दीर, फ़रीद एडवोकेट, मास्टर इस्माईल और तकी अशरफ़ एडवोकेट सहित कई गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे। उलमा ने लोगों से अपील की है कि वे ईद के अवसर पर आपसी भाईचारा, शांति और सौहार्द बनाए रखें। उन्होंने ज़रूरतमंदों की मदद करने का भी आग्रह किया, ताकि त्योहार की खुशियाँ सभी के साथ साझा की जा सकें।

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