सम्भल के ग्राम गेलुआ में विश्व जल दिवस पर जल संरक्षण के प्रति जागरूकता बढ़ाने के लिए एक विशेष कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस दौरान ग्रामीणों और समाजसेवियों ने जल की अनावश्यक बर्बादी रोकने और आवश्यकतानुसार उपयोग करने का संकल्प लिया। कार्यक्रम की शुरुआत करते हुए रामोतार सिंह ने जल को जीवन का अमूल्य स्रोत बताया। उन्होंने कहा कि जल का उपयोग केवल आवश्यकतानुसार ही किया जाना चाहिए और इसे व्यर्थ बहने से रोकना चाहिए। रामोतार सिंह ने समरसेबल पंप के अनावश्यक उपयोग पर विशेष ध्यान देने की बात कही, ताकि पानी की बचत सुनिश्चित हो सके। चौधरी रविराज चाहल ने जल बचाने के लिए समाज को लगातार जागरूक करने पर जोर दिया। उन्होंने बताया कि नियमित जागरूकता अभियानों के माध्यम से ग्रामीणों को यह समझाना आवश्यक है कि अनावश्यक पानी बहाने से जल संकट बढ़ता है। चाहल ने कहा कि यदि लोग जागरूक होंगे तो वे घरों और खेतों में पानी की बर्बादी रोक सकते हैं। महावीर सिंह ने जल को अमूल्य बताते हुए इसकी प्रत्येक बूंद को कीमती बताया। उन्होंने उपस्थित लोगों से जल बर्बाद न करने और इसके संरक्षण के लिए मिलकर प्रयास करने की अपील की। कार्यक्रम का समापन वीरेंद्र सिंह के संबोधन से हुआ। उन्होंने सभी से आज से ही यह प्रण लेने का आग्रह किया कि वे जल का अनावश्यक उपयोग नहीं करेंगे। उन्होंने कहा कि घरों में समरसेबल का प्रयोग केवल आवश्यकतानुसार ही किया जाएगा, जिससे पानी की बचत सुनिश्चित हो सके। इस अवसर पर चौ. रविराज चाहल, महावीर सिंह, रामोतार सिंह, खिलेन्द्र चाहल, पुष्पेंद्र सिंह, वीरेंद्र सिंह, दुर्गेश सिंह, हेमंद्र सिंह, भोला सिंह, अरविन्द सिंह और बंशी सहित कई समाजसेवी उपस्थित रहे। सभी ने जल संरक्षण के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई और ग्रामीणों को जल बचाने के उपायों के प्रति जागरूक किया।

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