संभल में किसानों ने अपनी विभिन्न समस्याओं को लेकर एक दिवसीय धरना-प्रदर्शन और महापंचायत का आयोजन किया। इसमें आलू के उचित मूल्य, गेहूं खरीद, जलापूर्ति और अवैध खनन जैसे प्रमुख मुद्दे उठाए गए। राष्ट्रीय अध्यक्ष सहित अन्य किसान नेताओं ने पुलिस द्वारा किसानों पर की गई कार्रवाई पर भी नाराजगी व्यक्त की। यह धरना-प्रदर्शन बुधवार को संभल जनपद के जिला कलेक्ट्रेट बहजोई के निकट एक बड़े मैदान में आयोजित किया गया। भारतीय किसान यूनियन (असली) के जिलाध्यक्ष राजपाल सिंह यादव के नेतृत्व में बड़ी संख्या में किसान नेता धरने पर बैठे। उन्होंने किसानों से जुड़े कई गंभीर मुद्दों के शीघ्र समाधान की मांग की। किसान नेताओं ने इस वर्ष आलू उत्पादक किसानों को महंगी लागत के बावजूद बाजार में उचित मूल्य न मिलने पर चिंता जताई। राष्ट्रीय अध्यक्ष हरपाल सिंह ने कहा कि किसानों ने आलू की समर्थन मूल्य पर खरीद और उसके निर्यात की उचित व्यवस्था की मांग की है। उन्होंने बताया कि वर्ष 2026 के लिए घोषित गेहूं का समर्थन मूल्य 2585 रुपये प्रति क्विंटल किसानों को नहीं मिल पा रहा है। आरोप है कि मंडियों में गेहूं की खरीद कम दाम पर करके किसानों का शोषण किया जा रहा है। इसके अतिरिक्त, जल जीवन मिशन के तहत गांवों में खोदी गई सड़कों की मरम्मत न होने और जलापूर्ति शुरू न होने से ग्रामीणों को हो रही परेशानी का मुद्दा भी उठाया गया। किसानों ने जल्द सड़क मरम्मत और पानी की व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग की। महापंचायत में मां गंगा में हो रहे अवैध खनन पर रोक लगाने की मांग भी की गई। साथ ही, आंदोलनरत किसानों पर दर्ज मुकदमों की निष्पक्ष जांच कर उन्हें निरस्त करने की मांग की गई। बुलंदशहर के ऊंचागांव खादर क्षेत्र में मानक के अनुसार खनन और ओवरलोड वाहनों से क्षतिग्रस्त सड़कों की मरम्मत कराने पर भी जोर दिया गया। किसान नेताओं ने चेतावनी दी कि यदि उनकी समस्याओं का शीघ्र समाधान नहीं हुआ, तो वे बड़े आंदोलन के लिए बाध्य होंगे। इसकी पूरी जिम्मेदारी शासन और प्रशासन की होगी। महापंचायत के दौरान सुरक्षा व्यवस्था के लिए चार थानों की पुलिस के साथ पीएसी और आरपीएफ को भी तैनात किया गया था।

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